पीएम बोले- महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता था , कोरोना को 21 दिन में जीतने की कोशिश
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का मंगलवार को ऐलान किया गया है। एक दिन बाद पीएम नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों से बात कर रहे हैं। पीएम मोदी ने चर्चा के दौरान आज अफगानिस्तान में गुरुद्वारे पर हुए हमले की निदां करते हुए कहा कि, आज काबुल में गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले से मन काफी दुखी है। मैं इस हमले में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि, आप जानते हैं, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें हम सभी को मां शैलपुत्री के आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है। आपका सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था। लेकिन यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं, उससे भी आप परिचित हैं। यहां की व्यस्तता के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट ले रहा हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि, महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं।हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए:। महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण महारथी, सारथी थें, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की बहुत बड़ी भूमिका है। काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन, समयातीत है।
पीएम मोदी ने कहा कि, और इसलिए, आज लॉकडाउन की परिस्थिति में काशी देश को सिखा सकती है- संयम, समन्वय, संवेदनशीलता काशी देश को सिखा सकती है- सहयोग, शांति, सहनशीलता काशी देश को सिखा सकती है- साधना, सेवा, समाधान। मुझे ऐहसास है कि आप सभी के बहुत सारे प्रश्न होंगे, कुछ चिंताएं भी होंगी और सुझाव भी होंगे, तो आइए, संवाद शुरू करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि, कोरोना बीमारी के देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही है। सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है। यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने WhatsApp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है।अगर आपके पास WhatsApp की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर 'नमस्ते' खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा।
पीएम मोदी ने बताया कि, कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं। भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। मनुष्य का स्वाभाव होता है कि जो चीज हमारे अनुकूल होती है, उसे तुरंत स्वीकार कर ले लेते हैं। ऐसे में कई बार अहम बातें, जो प्रमाणिक होती हैं उस पर कुछ लोगों का ध्यान जाता ही नहीं है। मेरा ऐसे लोगों से आग्रह है कि गलतफहमी से बाहर निकलें और सच्चाई को समझें। ये बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। समृद्ध लोगों या व्यायाम करने वालों को भी ये वायरस अपने चपेट में लेता है। बीमारी कितनी भयानक है ये समझना जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि, कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि अगर ऐसी कोई गतिविधि कहीं दिख रही है। कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है, कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि, अभी नवरात्र शुरू हुआ है। अगर हम अगले 21 दिन तक, 9 गरीब परिवारों की मदद करने का प्रण लें, तो इससे बड़ी आराधना मां की क्या होगी। इसके अलावा आपके आसपास जो पशु हैं, उनकी भी चिंता करनी है। जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है। लेकिन अगर कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ, इसका फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि, ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छे होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा। इस समय केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, जितना ज्यादा हो सके, जितना अच्छा हो सके, इसके लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। निराशा फैलाने के हजारों कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि, अस्पतालों में लोग 18-18 घंटे काम कर रहे हैं। कई जगह अस्पतालो में, हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों को 2-3 घंटे से ज्यादा सोने को नहीं मिल रहा। कितने ही सिविल सोसायटी के लोग हैं, जो गरीबों की मदद के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि, आपने खबरों में भी देखा होगा कि, दुनिया के कुछ देशों में अपनी मर्ज़ी से दवाएं लेने के कारण कैसे जीवन संकट में पड़ रहे हैं। हम सभी को हर तरह के अंधविश्वास से, अफवाह से बचना है। हमें ये ध्यान रखना है कि अभी तक कोरोना के खिलाफ कोई भी दवाई, कोई भी वैक्सीन पूरी दुनिया में नहीं बनी है। इस पर हमारे देश में भी और दूसरे देशों में भी काम तेज़ी से चल रहा है। ये सही है कि आपदा बहुत बड़ी है। लेकिन आपदा को अवसर में बदलना ही मानव जीवन की विशेषता है। इन दिनों सोशल मीडिया में आप लॉकडाउन का एक और प्रभाव देखने को मिल रहा है। मैं देख रहा हूं कि मानव जाति, कैसे इस वैश्विक संकट से जीतने के लिए एक साथ आगे आई है। और इसमें भी सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं मेरी बालक सेना।












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