पीएम मोदी के 'हनुमान' चिराग पासवान 'माता सीता' के लिए करना चाहते हैं ये काम
नई दिल्ली- लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान 25 अक्टूबर को बिहार के सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर का दौरा करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस मौके पर लोजपा नेता अयोध्या के भगवान राम मंदिर की तर्ज पर वहां भी भव्य मां जानकी मंदिर के निर्माण का प्रस्ताव रख सकते हैं। गौरतलब है कि चिराग ने पिछले हफ्ते ही खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'हनुमान' बताया था। यही नहीं पासवान ने माता सीता की जन्मस्थली बिहार के सीतामढ़ी को उसका उचित पहचान दिलाने का वादा भी किया है। राजनीतिक गलियारों में चिराग के इस कदम को उनके 'भाजपा-लोजपा' सरकार वाले चुनावी एजेंडे का ही अगला हिस्सा समझा रहा है।

बिहार चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के खिलाफ मोर्चा खोले चिराग पासवान ने ना सिर्फ खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताया है, बल्कि यह भी कहा है कि उनकी पार्टी बिहार में भाजपा के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। वह राज्य में एनडीए से बाहर आ चुके हैं, लेकिन केंद्र में उनकी पार्टी उसकी सहयोगी बनी हुई है। अलबत्ता, उनके पिता राम विलास पासवान के निधन के बाद मोदी सरकार में अभी लोजपा का कोई प्रतिनिधि नहीं रह गया है।
इसके अलावा यह भी संभावना है कि चिराग पासवान धार्मिक कॉरिडोर से अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए भव्य योजना पेश कर सकते हैं। इसके जरिए वह इलाके में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का भी अपना इरादा जता सकते हैं। बिहार का सीतामढ़ी जिला उसी मिथिलांचल क्षेत्र का हिस्सा है, जो धार्मिक मान्यताओं के तहत भगवती सीता के पिता राजा जनक के राज्य का भाग रहा है और यह मां सीता की पवित्र जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है।
चिराग बिहार के पहले चरण के मतदान के ठीक तीन दिन पहले सीतामढ़ी जाने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह बहुसंख्यक हिंदू वोटों और खासकर महिलाओं के वोट को गोलबंद करने की उनकी एक चुनावी कवायद हो सकती है। लोजपा प्रमुख के करीबी सूत्रों का कहना है कि वो बिहार के ऐतिहासिक स्थलों और उसके माता सीता के साथ संबंधों को लगातार नजरअंदाज किए जाने से बहुत ही दुखी हैं। लोजपा सूत्र ने कहा कि 'एक धार्मिक कॉरिडोर वक्त की मांग है।' गौरतलब है कि बिहार के मिथिलांचल इलाके में जदयू की सीटों पर लोजपा ने सवर्ण उम्मीदवारों को खूब टिकट दिया है और इन प्रयासों के जरिए वह 'बीजेपी-लोजपा' की सरकार के अपने एजेंडे को ज्यादा दमदार तरीके से वोटरों के सामने पेश करना चाहती है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 5 अगस्त को अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया था। बिहार में पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर (71 सीट) को हो रहा है और दूसरे का 3 नवंबर (94 सीट) को और तीसरे चरण का चुनाव 7 नवंबर (78 सीट) को होना है। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी। (तस्वीर-फाइल)












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