आसमान में सिर उठाकर,घने बादलों को चीरकर... मन की बात में पीएम मोदी ने पढ़ी खास कविता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के 104वें संस्करण को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने चंद्रयान-3, जी-20 समिट से लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरान संस्कत भाषा पर भी चर्चा की। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता पर आज एक उत्साहवर्धक कविता पढ़ी। जिस पढ़कर आप भावविभोर हो जाएंगे।
आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
रोशनी का संकल्प ले
अभी तो सूरज उगा है।
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर
हर मुश्किल को पार कर
घोर अंधेरे को मिटाने
अभी तो सूरज उगा है।
आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
अभी तो सूरज उगा है।

कुछ सूरज, चांद पर भी उगते हैं: पीएम मोदी
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि 23 अगस्त को भारत ने और भारत के चंद्रयान-3 ने ये साबित कर दिया है कि संकल्प के कुछ सूरज, चांद पर भी उगते हैं। मिशन चंद्रयान, नए भारत की उस spirit का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है और हर हाल में जीतना जानता भी है।
भारत की बेटियां अब अनंत समझे जाने वाले अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही
भारत की बेटियां अब अनंत समझे जाने वाले अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही हैं। किसी देश की बेटियां जब इतनी आकांक्षी हो जाएं, तो उसे, उस देश को विकसित बनने से भला कौन रोक सकता है। भारत का मिशन चंद्रयान, नारीशक्ति का भी जीवंत उदाहरण है। इस पूरे मिशन में अनेकों महिला वैज्ञानिक और इंजिनीयर सीधे तौर पर जुड़ी रही हैं। इन्होंने अलग-अलग systems के project director, project manager ऐसी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।












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