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कोरोना संकट के बीच इस बड़ी आपदा से निपटने में जुटे पीएम मोदी

नई दिल्ली- पूरा देश इस समय कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है और एक जानलेवा वायरस के खिलाफ जारी इस लड़ाई की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है। लेकिन, इसी बीच देश पर एक और बड़ी आपदा का संकट मंडराने लगा है। यह संकट है चक्रवाती सुपर तूफान 'अम्फान' का जो तेजी से बंगाल की खाड़ी में तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसी तूफान की आशंका के मद्देनजर सोमवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की है और इस तूफान से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम आला अधिकारी उपस्थित थे और पीएम मोदी ने खुद इसकी जानकारी साझा की है।

सुपर साइक्लोन 'अम्फान' से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

सुपर साइक्लोन 'अम्फान' से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने ट्विटर हैंडल के जरिए चक्रवाती सुपर तूफान 'अम्फान' से निपटने की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि बैठक में रेस्पॉन्स उपायों के साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने लिखा है, 'मैं सबकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का विश्वास दिलाता हूं।' इस बैठक में पीएम मोदी को ये जानकारी दी गई कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ ने क्या-क्या तैयारियां की हैं। इस दौरान एनडीआरएफ के डीजी ने बताया कि एनडीआरएफ की 25 टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं और 12 टीमों को रिजर्व में रखा गया है। इतना ही नहीं एनडीआरएफ की 24 और टीमों को देश के अलग-अलग हिंस्सों में स्टैंडबाय की अवस्था में तैयार रखा गया है। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सलाहकार पीके सिन्हा, कैबिनेट सचिव राजीव गौवा के अलावा भारत सरकार के क वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे।

बहुत ही भयावह हो सकता है सुपर साइक्लोन 'अम्फान'

बहुत ही भयावह हो सकता है सुपर साइक्लोन 'अम्फान'

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में आने वाले इस चक्रवाती तूफान की वजह से खासकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में बहुत ही तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। कई राज्यों के पूर्व तटवर्ती इलाकों में तो इस तूफान ने अपना असर दिखाना शुरू भी कर दिया है। वैसे फिलहाल ये सुपर साइक्लोन इन राज्यों की ओर तेजी से बढ़ता चला आ रहा है। वैसे सोमवार तक यह चक्रवात ओडिशा के पारादीप से लगभग 790 किलो मीटर दूर था। लेकिन, मंगलवार तक इसके और ज्यादा करीब आने की आशंका है, जिसके बाद यह भारी तबाही मचा सकता है। इस दौरान इसकी रफ्तार 195 किमी प्रति घंटा होने तक की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पहले से ही अलर्ट जारी किया जा चुका है और मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

दो दशकों बाद दिख सकता है भयावह मंजर

दो दशकों बाद दिख सकता है भयावह मंजर

ताजा जानकारी के मुताबिक यह तूफान 20 मई यानि बुधवार को पश्चिम बंगाल के तट से टकरा सकता और उस समय हवा की गति 195 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसके चलते पश्चिम बंगाल में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल के जो जिले इसकी सबसे ज्यादा चपेट में आ सकते हैं, वे हैं पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तरी 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता। जबकि, ओडिशा के उत्तरी जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर में यह ज्यादा तबाही मचा सकता है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि चक्रवाच के चलते समंदर में 4 से 6 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा है कि अब जब यह सुपर साइक्लोन में परिवर्तित हो चुका है तो यह बहुत ही गंभीर मामला है और ओडिशा में 1999 में आए तूफान के बाद यही सबसे भयंकर तूफान हो सकता है।

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