आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हम सब देश के लिए एक संकल्प लें- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150वीं वर्षगांठ के मौके पर पहुंचे इलाहाबाद, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी मौजूद
इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। प्रधानमंत्री के अलावा इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिश खेहर भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदत्यनाथ एयरपोर्ट पहुंचे और पीएम को पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया।

न्याय व्यवस्था के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी
इस मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का जो न्याय विश्व है उस न्याय विश्व में इलाहाबाद 150 साल पुरानी यह फौज, भारत के न्याय विश्व का यह तीर्थ क्षेत्र है, उस तीर्थ क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर आप सबके बीच आकर के आपको सुनने और समझने का अवसर मिला, कुछ बात मुझे बताने का मौका मिला इसे मैं अपना गौरव मानता हूं। चीफ जस्टस साहब अभी अपने दिल की बात बता रहे थे उसे मैं मन से सुन रहा था, उनके हर शब्द में पीड़ा का मैं अनुभव कर रहा था। भारत के न्याय विश्व को यह नेतृत्व में, मुझे विश्वास है उनके संकल्प पूरे होंगे। जहां तक सरकार का सवाल है मैं विश्वास दिलाता हूं हमारा जो भी योगदान है, हम उसे पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगे।
पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश
- मोबाइल पर तारीखें देने की परंपरा क्यों नहीं खड़ी की जाए।
- भारत सरकार भी न्याय व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से सरल बनाया जा रहा है।
- अबतक हमने 1200 कानून को खत्म कर दिया है।
- युग बदल चुका है, जब मैं चुनाव प्रचार कर रहा था 2014 में, मैं देश के कई लोगों के लिए अपिरिचत था, एक छोटे से समारोह में में मैंने कहा था कि मैं नए कानून कितने बनाउंगा मुझे पता नहीं है, लेकिन हर रोज एक कानून खत्म करुंगा।
- आइए 2022 का कोई संकल्प तैयार करें, जब आजादी के 75 साल हो तो हम भी एक बड़ा संकल्प लें।
- आजादी के 75 साल के मौके पर 2022 में लोग एक संकल्प लें को भारत को नई उंचाइयों पर लेकर जाएंगे
पांच दिन वेकेशन में बैठे जज
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। उन्होंंने कहा कि पहले भारतीय नागरिक जिन्हें चीफ जस्टिस ऑफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के बतौर न्यायिक सेवा करने का मौका मिला वे थे शाह मोहम्मद सुलेमान। शाह मोहम्मद सुलेमान 1932-37 तक इस पद पर थे। जस्टिस खेहर ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के 20 जज सुप्रीम कोर्ट के जज बनें। उन्होंने कहा कि जज बिना थके लगातार काम करते हैं, लेकिन जजों की कमी की काफी दिक्कत है। उन्होंने कहा कि अकेले लखनऊ बेंंच में 2 लाख मामले लंबित हैं। जस्टिस खेहर ने कहा कि जजों को पांच दिन अधिक काम करने की जरूरत है, जिससे अधिक से अधिक मामलों को निपटाया जा सकता है।
कानून का स्थान शासक से उपर होता है- योगी आदित्यनाथ
कार्यक्रम में बोलते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रजातंत्र की स्वतंत्रता कानून पर निर्भर करता है, कानून का स्थान शासक से उपर होता है, कानून से बड़ा कोई नहीं होता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की समाज में सबसे बड़ी भूमिका होती है। न्यायपालिका व कार्यपालिका के मध्य शक्तियों का पृथक होना संविधान का मूल मंत्र है। वर्तमान न्यायिक व्यवस्था का प्रावधान प्राचीन न्याय व्यवस्था में कहीं ना कहीं मौजूद है। प्राचीन भारत के ऋषियों और मुनियों ने जो कुछ दिया है उसके लिए वर्तमान न्याय व्यवस्था को कृतज्ञ होना चाहिए। न्यायिक प्रणाली शक्ति संतुलन का काम करती है, प्राचीन न्याय व्यवस्था में राजनीति और न्याय में खास संबंध रहा है। जब कभी लोकतंत्र पर संकट आया तो इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐसे निर्णय लिए जो स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
इलाहाबाद हाई कोर्टे के फैसले ऐतिहासिक- रविशंकर प्रसाद
इस मौके पर बोलते हुए रविशंकर प्रसाद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों को याद करते हुए कहा कि इस कोर्ट के जगमोहन लाल ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ साहसिक फैसला दिया और यह संदेश देने का काम किया कि कानून का उल्लंघन कोई भी करेगा तो कोर्ट सही रास्ता दिखाएगा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम सीएसई का गठन करेंगे जिसके तहत कॉमन सेंटर खोले जाएंगे जिससे लोगों को मुफ्त कानूनी मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि हम कानून विभाग की ओर से एक वेबसाइट का गठन करेंगे, मैं अपील करता हूं कि सारे वकील इसपर रजिस्टर करें और गरीबों को कानूनी मदद देने के लिए आगे आए।
हमने सबसे अधिक जजों की नियुक्ती की
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने 126 हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की है, जबकि 30 से अधिक सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति की है। मैं कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में हमारी सरकार न्याय व्यवस्था को मजबूत करना चाहते हैं, हमारी सरकार में जेटली, राजनाथ सिंह जैस कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने आपात काल में लड़ाई लड़ी थी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के 150वीं वर्षगांठ के मौके पर पीएम मोदी के अलावा केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक सहित कई लोग मौजूद हैं।












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