बाइडेन की वर्चुअल मीटिंग में पीएम मोदी ने की बूचा नरसंहार की निंदा, कहा- शांति ही इस मसले का हल
नई दिल्ली, 11 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्र के रूप में भारत और अमेरिका स्वाभाविक भागीदार हैं। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में जो प्रगति हुई है वो कठिन रही, लेकिन कुछ दशक पहले उसकी कल्पना करना भी मुश्किल था। इसके अलावा यूक्रेन-रूस युद्ध पर भी पीएम मोदी ने बड़ा बयान दिया।

पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों पर बाइडेन के नारे को याद करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल की शुरुआत में आपने एक बहुत ही महत्वपूर्ण नारे का इस्तेमाल किया, वो था- 'लोकतंत्र उद्धार कर सकता है'। भारत-अमेरिका साझेदारी और संबंधों की सफलता नारे को सार्थक बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं बैठक के बाद बाइडेन ने ट्वीट कर लिखा कि मैंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल बैठक की। मैं हमारी सरकारों, अर्थव्यवस्थाओं और लोगों के बीच संबंधों को गहरा (मजबूत) करने की आशा करता हूं।
बूचा नरसंहार की निंदा की
हाल ही में रूसी सैनिकों पर बूचा में नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगा था। वर्चुअल बैठक के दौरान भी पीएम मोदी ने उस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि बूचा शहर में निर्दोष नागरिकों की हत्या की हालिया खबर चिंता का विषय थी। हमने तुरंत इसकी निंदा की और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। हमें उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत से शांति का रास्ता निकलेगा। पीएम मोदी ने ये भी बताया कि भारतीय संसद ने यूक्रेन के मुद्दे पर कई बार चर्चा की। उन्होंने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से फोन पर बात की थी और केवल शांति की अपील की। साथ ही राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ सीधी बातचीत करने का सुझाव दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताया
पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन में जब हालात बिगड़े तो वहां पर 20 हजार से ज्यादा भारतीय फंसे थे, जिसमें से सबसे ज्यादा छात्र थे। काफी मेहनत के बाद हम उनको निकालने में सफल हुए।












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