PM Kisan Yojana: कहीं आप तो नहीं कर रहे गलती! 21वीं किस्त से पहले पकड़े गए हजारों दंपति

PM Kisan Yojana Fraud: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसे किसानों के लिए सबसे पारदर्शी और भरोसेमंद योजना माना जाता है, अब मुरादाबाद में एक नए विवाद की वजह बन गई है। केंद्र सरकार की ओर से की गई गहन डेटा जांच में एक ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया जिसने प्रशासन को चौंका दिया। जांच में यह पाया गया कि हजारों दंपती यानी पति और पत्नी दोनों इस योजना से एक साथ लाभ ले रहे थे। यानी एक ही परिवार से दो-दो लोगों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिल रही थी।

पीएम किसान योजना में जैसे ही यह गड़बड़ी उजागर हुई, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन लाभार्थियों की आगे की किश्तें रोक दीं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक दी गई राशि वापस नहीं मांगी जाएगी, बल्कि आगे की किश्तों में ही एडजस्ट किया जाएगा। नियमों के अनुसार एक परिवार से सिर्फ एक व्यक्ति ही इस योजना का हकदार होता है।

PM Kisan Yojana

अब तक मिली राशि नहीं ली जएगी वापस

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अब तक मिली रकम किसी से वापस नहीं ली जाएगी। इसके बजाय आगे मिलने वाली किश्तों में समायोजन यानी एडजस्टमेंट कर सुधार किया जाएगा। यानी अगले भुगतान से पहले यह तय किया जाएगा कि पति या पत्नी, किसके नाम पर योजना जारी रहेगी।

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कैसे सामने आया पीएम किसान में धांधली का मामला?

मुरादाबाद के कृषि विभाग ने पीएम किसान योजना की 20वीं किश्त के लिए 2.67 लाख किसानों का डेटा पोर्टल पर लॉक किया था। इनमें से 2.64 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी गई। इसी प्रक्रिया के दौरान जब आधार और बैंक खातों की गहन जांच की गई तो यह पता चला कि 4,500 जोड़े पति-पत्नी दोनों लाभ ले रहे हैं। कई किसानों ने अलग-अलग बैंक खाते और जमीन के दस्तावेज देकर खुद को पात्र दिखा दिया था। सिस्टम में दोनों के नाम अलग-अलग ID से जुड़े हुए थे, जिससे उन्हें डबल भुगतान मिलता रहा।

अब कौन बनेगा पात्र लाभार्थी?

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में केवल एक सदस्य को ही लाभ दिया जाए। मुरादाबाद के कृषि विभाग को आदेश दिया गया है कि सभी जोड़ों का डेटा दोबारा सत्यापित किया जाए।
इसके लिए पति-पत्नी दोनों को अपने -

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • भूमि रिकॉर्ड (खतौनी)

के साथ जनसेवा केंद्र या कृषि कार्यालय जाकर ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन कराना होगा। जांच के बाद जिस सदस्य को पहले से वैध लाभ मिल रहा है, उसी के नाम पर योजना जारी रहेगी। दूसरे सदस्य का खाता इनएक्टिव कर दिया जाएगा।

मुरादाबाद के उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि फिलहाल किसी से भी राशि की वापसी नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद हर परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को आगे की किश्तें मिलेंगी ताकि योजना पारदर्शी बनी रहे।

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2019 में शुरू की गई थी। इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को साल में ₹6,000 की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है। यह रकम सीधे किसानों के बैंक खाते में जाती है। देशभर में अब तक 20 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और यह भारत की सबसे बड़ी डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं में से एक है।

मुरादाबाद में फिलहाल करीब 2.64 लाख किसान इस योजना के लाभार्थी हैं। 4,500 दंपतियों की पहचान के बाद यह संख्या थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन इससे योजना की पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ेगी। केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि यह कदम किसानों को सजा देने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सम्मान निधि का पैसा सही हाथों तक पहुंचे।

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