पीएफआई का इंटरनल दस्तावेज India Vision 2047, भारत में इस्लामिक रूल की साजिश का भंडाफोड़
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पास से भड़काऊ और चिंताजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक दस्तावेजों में भारत में अशांति फैलाने की साजिश के संकेत मिले हैं।
पटना, 14 जुलाई : पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पास से भड़काऊ और चिंताजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बिहार के फुववारीशरीफ में पुलिस ने इंडिया विजन 2047 टाइटल के साथ 8 पेज का डॉक्यूमेंट जब्त किया है। राजधानी पटना के फुलवारी में एएसपी मनीष कुमार ने एएनआई को बताया कि पीएफआई के दस्तावेजों पर इंटरनल डॉक्यूमेंट नॉट फॉर सर्कुलेशन लिखा है। इसका मतलब है कि ये आंतरिक रूप से कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने की ताक में हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों को पढ़ने से पता चलता है कि भारत में अशांति फैलाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में इस्लामिक सरकार बनाने की बात भी कही गई है।

बहुसंख्यक समुदाय पर कब्जा ?
बिहार पुलिस के मुताबिक 'इंडिया विजन 2047' टाइटल के 8 पेज लंबे दस्तावेज के एक अंश में लिखा गया है, पीएफआई को विश्वास है कि अगर कुल मुस्लिम आबादी का 10% भी PFI का साथ देता है तो, कायर बहुसंख्यक समुदाय को PFI अपने वश में कर लेगा। गौरव वापस लाएगा (bring back the glory)।

आपत्तिजनक सामग्री जब्त
बुधवार रात पीएफआई के दस्तावेजों की जब्ती के बाद गुरुवार को बिहार पुलिस ने राजधानी पटना पुलिस में दो आरोपियों के घर से पीएफआई और एसडीपीआई के पोस्टर सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त किए। दोनों आरोपियों- मोहम्मद जलालउद्दीन (Mohd Jallauddin) और अतहर परवेज (Athar Parvez) को बुदवार को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

रिटायर्ड पुलिसकर्मी समेत दो गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, मोहम्मद जलालउद्दीन (Mohd Jallauddin) के साथ-साथ SIMI के एक पूर्व सदस्य हैं। वर्तमान में जलालउद्दीन पीएफआई और एसडीपीआई के सदस्य हैं। जलालउद्दीन के अलावा अतहर परवेज को भी गिरफ्तार किया गया है। SIMI पर प्रतिबंध लगने के बाद बिहार में 2001-02 में हुए बम धमाकों में अतहर परवेज का छोटा भाई जेल गया था

PFI ने दिलाई हथियार चलाने की ट्रेनिंग !
एएसपी मनीष कुमार के मुताबिक PFI की ओर से विगत 6-7 जुलाई को स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया गया। उन्होंने दूसरों को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ लोगों की गवाही भी है। परवेज ने लाखों रुपये का चंदा जुटाया। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है।

PFI की सामाजिक सक्रियता
PFI की सामाजिक सक्रियता का अंदाजा इसी बात से होता है कि गिरफ्तार अतहर परवेज खुद की इमेज का पूरा ध्यान रखते हैं। उर्दू एकेडमी पटना की ओर से उन्हें कोरोना वॉरियर सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित किया गया था। पुलिस का कहना है कि 8 पन्नों के डॉक्यूमेंट का पूरा विवरण शेयर नहीं किया जा सकता।
PFI का इंडिया विजन 2047
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पास से भड़काऊ और चिंताजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बिहार के फुववारीशरीफ में पुलिस ने इंडिया विजन 2047 टाइटल के साथ 8 पेज का डॉक्यूमेंट जब्त किया है। राजधानी पटना के फुलवारी में एएसपी मनीष कुमार ने एएनआई को बताया कि पीएफआई के दस्तावेजों पर इंटरनल डॉक्यूमेंट नॉट फॉर सर्कुलेशन लिखा है। इसका मतलब है कि ये आंतरिक रूप से कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने की ताक में हैं।

इंडिया 2047- भारत में इस्लामिक हुकूमत
आंतरिक PFI दस्तावेज़ - 'इंडिया विजन 2047' के संबंध में बिहार पुलिस ने कहा है कि भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ (2047) तक भारत में "इस्लामी सरकार" स्थापित करने की साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। बिहार पुलिस के अधिकारी के मुताबिक गत 13 जुलाई को चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े दो आरोपियों की गिरफ्ताी के बाद 'इंडिया 2047- टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लाम इन इंडिया' (India 2047- Towards rule of Islam in India) टाइटल वाले आठ पन्नों का दस्तावेज बरामद किया गया। भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए कुल तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। दो लोगों को बुधवार को दबोचा गया, जबकि तीसरा गुरुवार 14 जुलाई को पकड़ा गया।

नई भर्ती और हथियारों की ट्रेनिंग !
एएसपी मनीष कुमार ने बताया, PFI के डॉक्यूमेंट में भारत में इस्लामिक शासन के लक्ष्य के लिए विदेश से मदद लेने का भी जिक्र है। लक्ष्य हासिल करने के लिए पीएफआई कैडरों, विशेष रूप से और मुस्लिम समुदाय को सामान्य रूप से मार्गदर्शन करने के लिए तैयार किया गया है। पीएफआई की इंटरनल डॉक्यूमेंट के बारे में समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में कहा गया, PFI से जुड़े लोग पार्टी सहित सभी फ्रंटल संगठनों में नए सदस्यों की भर्ती पर फोकस कर रहे हैं। प्रशिक्षण शुरू करने की बात भी कही गई है। सदस्यों को हमला करने और रक्षात्मक तकनीकों, तलवारों, छड़ों और अन्य हथियारों के उपयोग की ट्रेनिंग मिलनी चाहिए।

RSS का जिक्र, लोगों को 'समाप्त' करना मतलब क्या ?
बिहार पुलिस को जो दस्तावेज मिले हैं, इसमें पीएफआई का कहना है कि कार्यकारी और न्यायिक पदों के साथ-साथ पुलिस और सेना सहित सरकारी विभागों में "वफादार मुसलमानों" की भर्ती करने की योजना का भी जिक्र है। दस्तावेज़ के अनुसार पीएफआई "आरएसएस और एससी / एसटी / ओबीसी के बीच एक विभाजन" पैदा करने की ताक में भी है। डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि RSS को केवल "उच्च जाति हिंदुओं" के कल्याण में रुचि रखने वाले संगठन के रूप में पेश कर खाई पैदा की जाएगी। दस्तावेज में कहा गया है कि उनके हित के खिलाफ जो भी होगा ऐसे लोगों को "समाप्त" (eliminated) किया जाना है।

सुरक्षाबलों से मुकाबले की तैयारी !
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक पीएफआई का कैडर देश के सुरक्षाबलों की कार्रवाई की स्थिति में संगठन को सुरक्षित रखने का काम करेगा। PFI के सुरक्षाबल कैसे काम करेंगे ? दस्तावेज से इसके संकेत भी मिलते हैं। इसके मुताबिक-
- 'शिकायतों की स्थापना' (Establishment of Grievances)
- सामूहिक लामबंदी- समावेशिता (mass mobilisation- Inclusiveness)
- सामूहिक लामबंदी के तहत, अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के मकसद से आउटरीच और जुड़ाव (Outreach and Engagement) का प्रयास किया जाएगा।
- हर घर से एक पीएफआई सदस्य की भर्ती और उसकी ट्रेनिंग।
- RSS / संघ परिवार के नेताओं के खिलाफ जानकारी का संग्रह।

तुर्की और पीएफआई की दोस्ती ! क्या भारत के खिलाफ... ?
दस्तावेज में भारत सरकार का नाम लिए बिना कहा गया है कि देश के साथ निर्णायक लड़ाई (full-fledged showdown) की स्थिति में प्रशिक्षित कैडरों के अलावा, PFI को मित्रवत इस्लामी देशों से मदद की जरूरत होगी। ANI की रिपोर्ट के अनुसार डॉक्यूमेंट इंडिया विजन 2047 में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में, पीएफआई ने तुर्की के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित किए हैं। तुर्की अग्रणी इस्लामिक देश है। कुछ अन्य इस्लामी देशों में विश्वसनीय मित्रता विकसित करने के प्रयास जारी हैं। फुलवारी शरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी), मनीष कुमार के मुताबिक दस्तावेज के एक अंश में कायर बहुसंख्यक समुदाय को अधीन करने और इस्लाम की महिमा वापस लाने की बात भी कही गई है।












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