पेट्रोलियम मंत्री का अनोखा अभियान, सब्सिडी को कहे ना
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जो लोग एलपीजी सब्सिडी का बोझ उठाने में सक्षम हैं उन्हें खुद सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए। जेटली ने इस बात के भी संकेत दिये थे कि अमीरों को एलपीजी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि जेटली के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था।

वहीं जेटली ने खुद आगे आकर एलपीजी सब्सिडी को छोड़ने का फैसला लिया है। जेटली ने यह फैसला पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान के एक अनूठे अभियान के जरिये ली है। प्रधान रोज एक वीआइपी को फोन कर उनसे सब्सिडी वाला सिलेंडर छोड़ने का आग्रह करते हैं। पेट्रोलियम सब्सिडी को घटाने के मकसद से प्रधान ने यह मुहिम शुरू की है। उनके फोन कॉल पर ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सस्ता गैस सिलेंडर लेना बंद कर दिया।
वहीं कोयला मंत्री पीयूष गोयल और अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने भी खुद से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन करके सब्सिडी वाला सिलेंडर छोड़ने का आग्रह किया है। प्रधान अपनी कॉल में लोगों से अपील करते हैं कि सब्सिडीयुक्त ईंधन सिर्फ जरूरतमंदों को ही मिले। वहीं खुद उन्होंने मंत्री बनते ही सब्सिडी वाला एलपीजी कनेक्शन छोड़ दिया था। प्रधान ने खुद सब्सिडी छोड़कर लोगों से इसे स्वत: छोड़ने की अपील की है।
गौरतलब है कि दिल्ली में सब्सिडी वाला 14.2 किलो का सिलेंडर 417 रुपये में उपलब्ध है। वहीं पांच किलो के छोटे सिलेंडर की कीमत 155 रुपये है। जबकि 14.2 किलोग्राम वाले बिना सब्सिडी एलपीजी सिलेंडर की कीमत 708.50 रुपये है।












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