अडानी फर्मों पर आई मीडिया रिपोर्ट को लेकर SC में याचिका, की गई ये मांग
याचिका में कहा गया है कि मीडिया प्रचार ने भारतीय शेयर बाजार को 50 प्रतिशत से अधिक तक गिरा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें मीडिया को अडानी समूह की फर्मों से संबंधित बयानों या आरोपों को तब तक प्रसारित करने से रोकने के लिए एक गैग आदेश की मांग की गई थी जब तक कि उन्हें बाजार नियामक सेबी द्वारा दर्ज और सत्यापित नहीं किया गया हो। मीडिया पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आवेदन सोमवार को वकील एमएल शर्मा ने अपनी जनहित याचिका के हिस्से के रूप में दायर किया था। जिसे सुनवाई के लिए एक पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना बाकी है।
अंतरिम याचिका में कहा गया है कि मीडिया प्रचार ने भारतीय शेयर बाजार को 50 प्रतिशत से अधिक तक गिरा दिया है। मीडिया में नियमित आरोप/बयान उन निवेशकों में घबराहट पैदा कर रहे हैं जो घबराहट में अपना स्टॉक बेच रहे हैं और वित्तीय नुकसान उठा रहे हैं। आम निवेशकों को मारा जा रहा है जिसे रोका जाना चाहिए।
वकील ने बयानों या अन्य संबंधित समाचार रिपोर्टों पर "गैग ऑर्डर" मांगा है। अपनी जनहित याचिका में शर्मा ने अमेरिका स्थित फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के लघु विक्रेता नाथन एंडरसन और भारत व अमेरिका में उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। साथ ही कथित रूप से निर्दोष निवेशकों का शोषण करने और अडानी समूह के स्टॉक मूल्य के "कृत्रिम क्रैश" की भी मांग की है।
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आपको बता दें कि 24 जनवरी को अपनी रिपोर्ट में हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा गौतम अडानी के नेतृत्व वाले समूह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि शेयर की कीमतों में हेरफेर सहित कई आरोपों के बाद अडानी समूह के शेयरों ने शेयर बाजार पर दबाव डाला है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष भी भाजपा पर हमलावर है। विपक्ष मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित एक कमेटी से करवाना चाह रहा है।
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