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J&K: पाकिस्तान के लोग भारत की इन हस्तियों को मानते हैं अपना पैरोकार

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नई दिल्ली- पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माकूल समर्थन नहीं मिल पा रहा है। इसलिए, अब उसे कुछ भारतीयों में ही उम्मीद की किरण दिखाई पड़ रही है। पाकिस्तान के लोगों को लगने लगा है कि भारत की कुछ बड़ी हस्तियां, राजनेता और राजनीतिक पार्टियां उनसे सहानुभूति रखते हैं। ऐसे में वहां यह मांग होने लगी है कि पाकिस्तान को भारत को घेरने के लिए अन्य विकल्पों के अलावा उसके इन भारतीय पैरोकारों का भी समर्थन हासिल करने के लिए पूरजोर कोशिश करनी चाहिए। पाकिस्तान को पक्का यकीन है कि जम्मू-कश्मीर जैसे राष्ट्रीय मसलों पर भी भारत में अपनी ही सरकार और प्रधानमंत्री की टांग खींचने वाले हस्तियों की फेहरिस्त लंबी है।

पाकिस्तान को इनसे है बड़ी उम्मीद

पाकिस्तान को इनसे है बड़ी उम्मीद

पाकिस्तान कुछ भारतीयों से उम्मीद लगाए बैठा है तो वह बेवजह भी नहीं है। ये सारे के सारे लोग और सारी की सारी पार्टियां पहले दिन से ही ऐसा बयान दे रहे हैं, जिससे पाकिस्तान को ही फायदा मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति तो ये हो चुकी है कि इस मुद्दे पर वह लगभग विभाजन के मुहाने पर खड़ी है। लेकिन, फिर भी उसके कुछ नेता कश्मीर के मुद्दे पर ऐसी लाइन ले रहे हैं, जिससे भारत को ही नुकसान हो सकता है। संसद में भी इस मुद्दे पर कांग्रेस, सीपीआई-सीपीएम और टीएमसी जैसी पार्टियां अपना विरोध जता चुकी हैं। सीपीएम महासचिव ने तो जमीनी हालात का जायजा लेने के नाम पर कश्मीर पहुंचने की भी कोशिश की थी। जबकि, उन्हें पूरा इल्म है कि अभी वहां हालात को सामन्य करने में कुछ वक्त लग सकता है। अरुंधति रॉय तो विवादास्पद मुद्दों पर अलग राय रखने के लिए हमेशा ही सुर्खियों में रही हैं। शायद यही वजह है कि पाकिस्तानियों को भले ही अपनी सरकार के राजनयिक सूझबूझ और अपनी आर्मी की ताकत पर भरोसा नहीं है, लेकिन मुट्ठी भर भारतीयों से ज्यादा उम्मीद है।

सारे लोग तो नहीं हैं मोदी के साथ- मुशाहिद हुसैन

पाकिस्तान के लोग जिन भारतीयों के आसरे बैठे हुए हैं, ये खुलासा वहां हुए एक टीवी डिबेट से हुआ है। इसमें पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ, पत्रकार और जियो स्ट्रैटजिस्ट मुशाहिद हुसैन ने ये दावा किया कि भारतीय लेखकर अरुंधति रॉय, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममत बनर्जी, सोनिया गांधी की कांग्रेस पार्टी और लेफ्ट पार्टियां कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ सहानुभूति रखते हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी पर हुए बहस के दौरान एंकर ने मुशाहिद से पूछा के कश्मीर के लोगों का कथित 'दुर्भाग्य' कैसे खत्म होगा? इसके जवाब में हुसैन बोले, भारत बहुत बड़ा देश है और हर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक नहीं है। उन्होंने कहा, "इंडिया बहुत बड़ा मुल्क है। कई हिंदुस्तान के लोग आपके साथ सहानुभूति रखने वाले भी हैं, अरुंधति रॉय है, ममता बनर्जी है, कांग्रेस पार्टी है, कम्यूनिस्ट पार्टी है....लेफ्ट पार्टियां हैं...दलति पार्टियां हैं.....हिंदुस्तान....सारे लोग तो नहीं हैं मोदी के साथ ....."

14 अगस्त को 'कश्मीर एकता दिवस' मनाएगा पाकिस्तान

14 अगस्त को 'कश्मीर एकता दिवस' मनाएगा पाकिस्तान

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को 'कश्मीर एकता दिवस' और 15 अगस्त को 'काला दिवस' मनाने का ऐलान किया है। दरअसल, जब से जम्मू-कश्मीर में धारा-370 खत्म किया गया है और राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों का दर्जा दिया गया है, पाकिस्तान आपे से बाहर हो चुका है। वह अपनी अंदरूनी आर्थिक तंगी से जनता का ध्यान हटाने के लिए कश्मीर के नाम पर पूरी दुनिया का ध्यान खींचने की कोशिश में लगा हुआ है। वह अपनी सेना को भी तैयार कर रहा है और आतंकियों की फौज को भी भारत में घुसपैठ कराने की ताक में लगा हुआ है। पाकिस्तान को लग रहा है अगर भारत के कदम से कश्मीर में शांति कायम हो गई तो उसके नेताओं का वह दानापानी ही उठ जाएगा, जिसके नाम पर उनकी रोजी-रोटी टिकी हुई है।

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सोच ले पाकिस्तान- सेना

सोच ले पाकिस्तान- सेना

इस बीच इंडियन आर्मी चीफ जनरन बिपिन रावत ने पाकिस्‍तान को चेतावनी दी है। जनरल रावत ने कहा है कि अगर पाकिस्‍तान युद्ध भड़काना चाहता है तो फिर उसे हमारी प्रतिक्रिया के लिए भी तैयार रहना होगा। आर्मी चीफ जनरल रावत ने कहा है, 'अगर एलओसी को दुश्‍मन फिर से सक्रिय करना चाहता है तो यह उसकी मर्जी है। हर कोई सावधानी और सुरक्षा के लिए सेना तैनात करता है और ऐसे में हमें इस बात से चिंतित नहीं होना चाहिए। सेना हमेशा जवाब देने के लिए तैयार है।' सेना प्रमुख जनरल रावत की मानें तो सेना और कश्‍मीरी नागरिको के बीच होने वाला संवाद बिल्‍कुल सामान्‍य है। सेना पहले भी उनसे बिना बंदूक के मिलती थी और उम्‍मीद है कि आगे भी ऐसा होता रहेगा। सेना प्रमुख के शब्दों में, '70 और 80 के दशक में सेना और कश्‍मीर के लोगों के बीच जैसा भाई-चारा रहता था, सेना फिर से उसी तरह का रिश्‍ता कश्‍मीर के लोगों के साथ बनाना चाहती है।' इससे पहले चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्‍लन ने भी पाक को चेतावनी दी है। उन्‍होंने आगाह किया है कि अगर घाटी में कोई भी शांति भंग करने के लिए आएगा तो हम उसे खत्‍म कर देंगे। इस बीच पाकिस्तान के नापाक मंशा को नाकाम करने के लिए इंडियन नेवी की तरफ से वॉरशिप्‍स को भी हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। पाकिस्‍तान से सटे 754 किलोमीटर की तटीय सीमा पर संभावित हमले के मद्देनजर नेवी चौकन्‍नी है।

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English summary
People of Pakistan consider these leaders and parties of India as their advocates
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