नये जम्मू-कश्मीर में लोगों का खत्म हुआ डर, भारी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक-श्रद्धालु, मिल रहे रोजगार के अवसर
अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। लोग बेख़ौफ़ होकर घूम रहे हैं और अपना काम कर रहे हैं। अब उन्हें किसी तरह का कोई डर नहीं सता रहा है। क्योंकि यह नया जम्मू-कश्मीर है। नए जम्मू-कश्मीर में बम-बम भोले के उद्घोष के साथ यात्री निर्भय होकर अमरनाथ यात्रा पर निकल पड़ते हैं। अब डर का माहौल बिल्कुल खत्म हो चुका है। भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और शिकारा में बैठकर भारत में मौजूद इस स्वर्ग को निहार रहे हैं।
क्या आप जानते हैं कि जम्मू में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां 33 करोड़ देवी-देवताओं के दर्शन एक साथ हो जाते हैं। साथ ही मंदिर में एक कक्ष ऐसा भी है जहां, सभी चार धाम अर्थात रामेश्वरम, द्वारिकाधीश, बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए जा सकते हैं। यह मंदिर जम्मू में स्थित है, इसका नाम रघुनाथ मंदिर है। जम्मू के इस ऐतिहासिक मंदिर में विद्यालय और पुस्तकालय भी बना हुआ है। जिसमें 6000 से अधिक पांडुलिपियां सुरक्षित रूप से रखी गई हैं।

बता दें कि पिछले 10 सालों में जम्मू-कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, उसका देश ही नहीं, बल्कि पुरी दुनिया साक्षी है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में जी20 की बैठक का आयोजन के बाद से विदेशों में भारत के सिरमौर के चर्चे हो रहे हैं। जिसका परिणाम है कि 2023 में 11 महीनों में 2 करोड़ से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचे हैं।
केंद्र सरकार की इस पहल से ना सिर्फ यहां पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि इससे रोजगार के नए द्वार भी खुले हैं। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार यहां की सांस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों का कायाकल्प कर उन्हें नया रूप देने का काम कर रही है।
श्रीनगर का शीतलनाथ मंदिर जम्मू-कश्मीर के वो धार्मिक स्थल हैं, जो इसकी प्राचीन विरासत को अपने अंदर समेटे हुए हैं। अनुच्छेद-370 हटने के बाद केंद्र सरकार ने इन मंदिरों का जीर्णोद्धार कर इन्हें नया रूप दिया है। इनमें से कुछ मंदिर तो खंडहर बन चुके थे। लेकिन केंद्र सरकार ने इनका कायाकल्प कर जम्मू-कश्मीर के लोगों की आस्था को फिर से जीवंत कर दिया है। अब पूरे देश से यहां श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो चुका है।
मंदिरों के अलावा मोदी सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक स्थलों को भी जीर्णोद्धार कर उनकी खूबसूरती को बढ़ा दी है। श्रीनगर की पोलो व्यू मार्केट और लाल चौक पूरी तरह से बदल चुका है। पोलो व्यू मार्केट में अब आपको कच्चे रास्ते, छतों के ऊपर लटकते तार नजर नहीं आएंगी। लाल चौक और पुराने श्रीनगर के बाजारों का जीर्णोद्धार किया गया है। अब ये प्रदर्शन का केंद्र नहीं, बल्कि अब जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक विरासत के रूप में जाना जाने लगा है। पोलो व्यू मार्केट और लाल चौक के बाजारों में स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। जिससे जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को नए पंख लगे हैं।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने हिल स्टेशन पटनीटॉप को रोपवे की सौगात दी है। ऊधमपुर में स्थित पटनीटॉप पर भारत का सबसे ऊंचा रोपवे मौजूद है। जिसकी ऊंचाई 65 मीटर है। लंबाई 2.8 किलोमीटर है। ये रोपवे आपको संगेत से पटनीटॉप केवल 12 मिनट में पहुंचाता है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के मंतलाई में बने भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र और जम्मू में स्थित उत्तर भारत के सबसे बड़े चिड़ियाघरों में से एक चिड़ियाघर का निर्माण कर मोदी सरकार प्रदेश के पर्यटन और रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है।
जम्मू-कश्मीर को भारत का स्विट्जरलैंड बनाने की दिशा में पीएम मोदी काम कर रहे हैं। लोगों को नए जम्मू-कश्मीर में हो रहे निर्माण कार्य दिखाई दे रहे हैं। विकसित जम्मू-कश्मीर की तस्वीर नजर आ रही है। भारत के सिरमौर का वैभव आज पूरी दुनिया देख रही है।












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