Patna Opposition Unity: 4 घंटे की बैठक में विपक्षी नेताओं ने मोदी को हराने के लिए निकाले 4 फॉर्मूले
Patna Opposition Party Meet: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में केंद्र की सत्ता से नरेंद्र मोदी को कैसे हटाया जाए, इसकी योजना बनाने के लिए शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में विपक्ष की महाबैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, एनसीपी, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू, डीएमके, झारखंड मुक्ति मोर्चा और वामपंथी पार्टियों सहित विपक्ष के करीब 17 राजनीतिक दलों के 32 नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में इसी बात पर मंथन किया गया कि विपक्ष को एकजुट कर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को कैसे हराया जाए।

करीब चार घंटे तक चली इस बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें विपक्षी नेताओं ने बताया कि उनके बीच-बीच क्या बातचीत हुई और एनडीए को हराने के कौन कौन से फॉर्मूले निकाले गए। विपक्षी नेताओं ने कहा कि ये बैठक केवल एक शुरुआत है और अभी कई और बैठकें की जाएंगी, जिनमें आगे की रणनीति तय होगी। तो आइए जानते हैं कि विपक्ष के नेताओं ने अपनी इस बैठक में कौन-कौन से फॉर्मूले निकाले।
पहला फॉर्मूला- भाजपा खूब चिल्लाए, नहीं बताएंगे पीएम का दावेदार कौन
पटना की बैठक से पहले ही भाजपा नेताओं ने बयानों के बम बरसाने शुरू कर दिए और एक ही सवाल पूछा कि ये जो बारात जुट रही है, इसका दूल्हा कौन है? मतलब साफ है कि विपक्ष चुनाव से पहले उस चेहरे का नाम बताए, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने खड़ा होगा, यानी पीएम पद पर जिसकी दावेदारी होगी। विपक्ष का पहला फॉर्मूला यही है कि इस लड़ाई को 'मोदी के सामने कौन' बनने ही नहीं देना है। विपक्षी नेता जानते हैं कि अगर उन्होंने अपने बीच से किसी को पीएम पद का दावेदार घोषित किया तो पूरा चुनाव पीएम मोदी पर सिमट जाएगा, जहां विपक्ष की लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। तो अभी, जहां तक संभव हो साथ मिलकर लड़ा जाए, पीएम पद पर फैसला बाद में होगा।
दूसरा फॉर्मूला- पहले एजेंडा बनेगा, तब लड़ाई लड़ेंगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दूसरा फॉर्मूला बताते हुए कहा कि 2024 में सभी की लड़ाई भारतीय जनता पार्टी से है और इसके लिए एक एजेंडा तैयार किया जाएगा। इस एजेंडे में एक ही बात को फाइनल किया जाएगा कि अपने-अपने प्रभाव वाले राज्यों में काम करते हुए साथ मिलकर कैसे भाजपा से लड़ाई लड़ी जाए। और, इस एजेंडे पर चर्चा के लिए जुलाई में हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक बार फिर विपक्ष के नेता साथ मिलकर बैठंगे।
तीसरा फॉर्मूला- जहां भाजपा कमजोर, वहीं से होगा आगाज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी लड़ाई विचारधारा की है और पटना को इस बैठक के लिए इसलिए चुना गया, क्योंकि यहां से शुरू हुआ आंदोलन जन-आंदोलन बनता है। हालांकि इसके सियासी मायने दूसरे हैं, दरअसल बिहार में आरजेडी-जेडीयू की जोड़ी ने भाजपा को जबरदस्त चुनौती दी है। विपक्ष के नेताओं का पूरा फोकस इसी बात पर है कि भाजपा की कमजोर कड़ी पर ही चोट की जाए और उन राज्यों से चक्रव्यूह रचा जाए, जहां क्षेत्रीय दल और क्षेत्रीय नेता भाजपा के मुकाबले में उससे मजबूत हैं।
चौथा फॉर्मूला- मोदी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बैठक काफी अच्छी रही और सभी ने मिलकर तय किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ा जाएगा। साथ चुनाव लड़ने की बात को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी की मुखिया और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव सहित कई नेताओं ने दोहराया।












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