Dussehra 2021: बोले भागवत- 'विभाजन की टीस आज भी, इस वक्त भारत के लोगों को भ्रमित किया जा रहा'

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। RSS चीफ मोहन भागवत ने आज नागपुर में 'विजयदशमी' के पावन मौके पर 'शस्त्र पूजा' की। आपको बता दें कि आज का दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के लिए काफी पावन होता है क्योंकि आज के ही दिन साल 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी। आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 96वां स्थापना दिवस है। शस्त्र पूजा के बाद भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

 विभाजन की टीस आज भी, इस वक्त देश को भ्रमित किया जा रहा

इस मौके पर अपने संबोधन में RSS प्रमुख भागवत ने कहा कि 'हमें जिस दिन आजादी मिली थी, उस दिन हमें स्वतंत्रता के आनंद के साथ विभाजन का दर्द और वेदना भी मिली। हमारा देश विभाजित हुआ, उसका एक दुखद इतिहास है, जिसे हर किसी को जानना जरूरी है।'

हर किसी को इतिहास पढ़ना जरूरी है: भागवत

भागवत ने कहा कि 'आजादी का सुख बड़ी मुश्किल से हासिल हुआ था, इसके लिए काफी तपस्या की गई थी और काफा बलिदान हुए थे लेकिन विभाजन की टीस आज भी है। देश का बंटवारा जिस शत्रुता और अलगाव के कारण हुआ था उसकी पुनरावृत्ति नहीं करनी है इसे रोकने के लिए हर किसी को इतिहास पढ़ना जरूरी है, खासकर के आज की पीढ़ी को इसको जानना काफी जरूरी है, जिससे आत्मीय समाज के लिए सब प्रयास कर सकें।'

'इस वक्त भारत के लोगों को भ्रमित किया जा रहा'

उन्होंने कहा कि 'ये धर्म का प्रभाव ही भारत को प्रभावी बनाता है लेकिन इस वक्त इतिहास, संस्कृति का दुष्प्रचार करके विश्व और भारत के जनों को भ्रमित करने का काम चल रहा है, जो कि अनैतिक है और इसे रोकना होगा और इसे रोका तभी जा सकेगा जब इतिहास और संस्कृति के बारे में लोगों को सही से मालूम होगा।'

'आज नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं में काफी बढ़ गया'

उन्होंने कहा कि 'आज कोविड के कारण बालकों के हाथ में मोबाइल आ गया है। वो ऑनलाइन चीजें देख रहे हैं लेकिन वो क्या देख रहे हैं उस पर कोई नियंत्रण नहीं है। OTT प्लेटफार्म पर क्या दिखाया जा रहा है,इस पर भी नियंत्रण नहीं। भागवत ने कहा कि आज नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं में काफी बढ़ गया है। उच्च वर्ग से लेकर निम्न वर्ग के लोगों में भयंकर रूप से इसका सेवन हो रहा है। सबको पता है कि नशीले पदार्थों से आने वाला पैसा देश विरोधी चीजों में प्रयोग होता है और सीमा पार के लोग ऐसा कर रहे हैं।'

'बच्चों के बारे में उनके मां-बाप को ही सोचना होगा'

उन्होंने कहा कि 'आज बिटक्वाइन जैसी करेंसी को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। शासन इन वयस्नों को दूर करने का काम कर रहा है लेकिन बच्चों के बारे में उनके मां-बाप को ही सोचना होगा।' आपको बता दें कि कोरोना प्रोटोकॉल के देखते हुए इस बार के कार्यक्रम में किसी भी किसी अतिथि को नहीं बुलाया गया है। शस्त्र पूजा का प्रसारण ऑनलाइन भी हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ हेडगेवार स्मृति भवन में हुआ, जहां सबसे पहले मोहन भागवत ने डॉ हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया और उसके बाद उन्होंने शाखा के ध्वज वंदन, शस्त्र पूजन, शारीरिक प्रत्याक्षीक और सांघिक गीत में हिस्सा लिया।

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