Parliament Today: संसद में गूंजेगा 'ईरान-अमेरिका', लोकसभा में बोलेंग विदेश मंत्री, क्या है विपक्ष की तैयारी
Parliament Today Budget Session 2026: आज 9 मार्च से संसद में बजट सत्र का दूसरा सेशन शुरु हो रहा जिसमें विपक्ष औऱ सरकरा के बीच पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर बहस की पूरी उम्मीद है।
बजट सत्र के दौरान इस वैश्विक संकट पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों पर पड़ने वाले इसके गहरे असर को देखते हुए, आज संसद का माहौल गरमाने वाला है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज संसद के दोनों सदनों में भारत का आधिकारिक पक्ष रखेंगे। जहां सरकार 'वेट एंड वॉच' (प्रतीक्षा करो और देखो) की नीति अपना रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की 'रणनीतिक चुप्पी' बताकर हमलावर है।
S Jaishankar statement on Iran war: विदेश मंत्री का 'शक्ति परीक्षण'-11 और 12 बजे का वक्त
विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज संसद में इस संकट पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट करेंगे। विदेश मंत्री सुबह 11 बजे राज्यसभा में और दोपहर 12 बजे लोकसभा में अपना बयान देंगे। माना जा रहा है कि जयशंकर संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर देंगे। भारत ने पहले ही मानवीय आधार पर ईरानी युद्धपोत IRIS लावन को कोच्चि पोर्ट पर डॉक करने की अनुमति देकर अपनी तटस्थता और मानवीय रुख का परिचय दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले को 'बेहद संवेदनशील' मान रही है। सरकार ने अपने सभी मंत्रियों और पार्टी प्रवक्ताओं को सख्त सलाह दी है कि वे इस मुद्दे पर किसी भी तरह की विवादास्पद टिप्पणी न करें। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (कच्चे तेल) के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। साथ ही, वहाँ लाखों भारतीय नागरिक कार्यरत हैं। किसी भी पक्ष की ओर झुकाव भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
Congress 10 Janpath Meeting: विपक्ष का वार: कांग्रेस की '10 जनपथ' रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने संसद में सरकार को घेरने के लिए अपनी कमर कस ली है। रविवार को 10 जनपथ पर कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रेटेजी ग्रुप की एक अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने शिरकत की। कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने स्पष्ट किया कि पार्टी केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगेगी।
इंडो-यूएस ट्रेड डील पर भी रार
कांग्रेस न केवल युद्ध, बल्कि अमेरिका के साथ होने वाली ट्रेड डील पर भी चर्चा की मांग कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि इस डील की शर्तों से भारतीय किसानों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है। राहुल गांधी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग कर सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव का सीधा मतलब है कच्चे तेल की कीमतों में उछाल। संसद में विपक्षी दल सरकार से पूछ सकते हैं कि यदि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध लंबा खिंचा, तो भारत में महंगाई को काबू करने के लिए क्या 'प्लान-बी' तैयार किया गया है?
कूटनीति की अग्निपरीक्षा
आज का दिन भारतीय कूटनीति और संसद के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एक तरफ सरकार को राष्ट्रीय हितों और वैश्विक संबंधों के बीच संतुलन बनाना है, तो दूसरी तरफ विपक्ष के तीखे सवालों का तार्किक जवाब देना है। विदेश मंत्री का बयान यह तय करेगा कि भारत इस बदलते वैश्विक समीकरण में खुद को कहां देखता है












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