संसद की सुरक्षा में सेंध: पुलिस ने दर्ज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, जानिए क्या-क्या हुआ खुलासा
Parliament security breach case: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (16 जुलाई) को संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की कड़ी धारा के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अपना सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. हरदीप कौर को बताया कि जांच एजेंसी ने संबंधित अधिकारियों से यूएपीए की धारा 13 के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। एसपीपी अखंड प्रताप ने अदालत को यह भी बताया कि कुछ एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है, जो बहुत जल्द पेश की जाएंगी।

अब 2 अगस्त को होगी मामले पर सुननाई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सारे मामलों पर गौर करने के बाद मामले को संज्ञान पर बहस के लिए 2 अगस्त 2024 के लिए सूचीबद्ध किया। इस बीच, अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 2 अगस्त 2024 तारीख तक बढ़ा दी।
इससे पहले 7 जून 2024 को दिल्ली पुलिस ने सभी छह गिरफ्तार आरोपियों मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद के खिलाफ लगभग 1000 पन्नों का चार्जशीट दायर किया था।
पुलिस ने UAPA के तहत सभी 6 आरोपियों पर दर्ज किया है केस
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 13.12.2023 को संसद पर हमले के आरोपी छह लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने 13 दिसंबर 2023 को सदन की कार्यवाही के दौरान संसद पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।
मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल धनराज शिंदे, नीलम रानोलिया, ललित झा और महेश कुमावत नाम के छह लोगों पर संसद में अवैध रूप से घुसने और लाइव सत्र के दौरान लोकसभा में धुएं के कनस्तर फेंकने का आरोप है।
what is supplementary chargesheet: क्या होती है सप्लीमेंट्री चार्जशीट?
पूरक चार्जशीट यानी सप्लीमेंट्री चार्जशीट का मतलब केवल आरोपी के खिलाफ एकत्र की गई एक अतिरिक्त सामग्री (लिखित कानूनी दस्तावेज) है।












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