Parliament Session: संसद सत्र के पहले दिन हंगामे के आसार, 280 सांसद लेंगे शपथ
Parliament Session: भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद 18वीं लोकसभा के शुरुआती संसद सत्र का आगाज सोमवार, 24 जून से होने वाला है। संसद के नए सत्र के शुरुआत के साथ दोनों सदनों में टकराव की संभावना भी दिख रही है। सोमवार, 24 जून से लोकसभा का सत्र शुरू हो रहा है जबकि राज्यसभा का सत्र गुरुवार, 27 जून से शुरू होने जा रहा है।
इस सत्र में सरकार की प्राथमिकता नए लोकसभा स्पीकर का चुनाव, सदस्यों का शपथ ग्रहण से लेकर राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों के लिए संयुक्त अभिभाषण और उस पर धन्यवाद चर्चा प्रस्ताव होना है। जबकि विपक्ष ने अपने तीखे तेवरों से ये साफ कर दिया है कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर किसी भी तरह से नई सरकार के साथ रियायत नहीं बरतने वाली।

कैबिनेट मंत्रियों सहित 280 सांसद लेंगे शपथ
संसद के निचले सदन में विपक्ष संख्याबल के हिसाब से मजबूत नजर आ रहा है। इस लोकसभा चुनाव में सीटों के भारी नुकसान के साथ सत्तारूढ़ NDA की संख्या निचले सदन में 293 है जबकि विपक्षी खेमे के 232 सांसद हैं। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से विपक्ष इस बार सरकार से ज्यादा पीछे नहीं है। ये एक स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के साथ-साथ सत्र के धमाकेदार होने का संकेत है।
सोमवार, 24 जून की सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट में शामिल मंत्री बतौर सांसद शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब उन्हें शपथ दिलाएंगे। इसके बाद नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलायी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सड़क एवं परिवहन नितिन गड़करी शपथ लेंगे। उसके बाद मंत्री परिषद के अन्य सदस्य सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
बता दें, पीएम मोदी की कैबिनेट में शामिल मंत्रियों में 58 लोकसभा के सदस्य हैं। केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल 13 सदस्य राज्यसभा के सांसद हैं और एक मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। बिट्टू ने बीजेपी की टिकट पर लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वो हार गए।
पीएम मोदी और उनके मंत्रियों के शपथ के बाद अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार राज्यवार सांसदों को शपथ दिलवाई जाएगी। संसद के इस सत्र में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं होगा।
प्रोटेम स्पीकर को लेकर टकराव की स्थिति
नए सत्र की शुरुआत के साथ प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी अध्यक्ष) की नियुक्ति को लेकर टकराव की स्थिति बनने वाली है। लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 26 जून को होगा।
वहीं, सदन में NEET एग्जाम से जुड़ा मामला सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने पहले ही ये साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्टूडेंट से बात कर ये वादा किया है कि वह इस मामले में उन्हें न्याय दिलवाएंगे। कांग्रेस NEET-NTA के मुद्दे की जांच की मांग भी कर रही है।
वहीं दूसरी ओर, बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने तीन आपराधिक कानूनों को लेकर पीएम मोदी को लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने हड़बड़ी में पारित तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को टालने की अपील की है। तीनों ही कानून 1 जुलाई से लागू किए जाने हैं। ममता बनर्जी ने इन कानूनों की नए सिरे से संसदीय समीक्षा पर जोर देने की बात कही है।
इन मुद्दों के साथ-साथ देश में पेपर लीक के बढ़ते मामले, मणिपुर के ताजा हालात, रेल दुर्घटनाएं जैसे मामलों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की योजना बना रहा है।
27 को राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को करेंगी संबोधित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। सरकार 28 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा कराने की कोशिश करेगी। हालांकि, देश के मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि पेपर लीक से लेकर NEET परीक्षा में धांधली के मुद्दे पर विपक्ष जमकर हंगामा करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई को राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में लोकसभा को संबोधित करेंगे। 3 जुलाई को पीएम राज्यसभा में बोलेंगे। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 20 जून को इस बारे में जानकारी दी थी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के कटक से भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है।












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