Paris Paralympic: पीएम मोदी ने की प्रवीण कुमार से बात, पूछा बड़ी सफलता का 'राज'
Paralympics 2024: पैरालंपिक खेलों में भारत के दिग्गज खिलाड़ी अपना लोहा मनवा रहे हैं। देश के लिए छठां मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ी प्रवीण कुमार की सफलता भारत के लिए और बड़ी सफलता है। पीएम मोदी ने प्रवीण को बधाई संदेश भेजने के बाद शनिवार को उनसे फोन पर बात की और प्रशिक्षण से लेकर प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए किए अभ्यासों और संघर्षों के बारे में जाना। पीएम ने बाचती के दौरान प्रवीण कुमार ना सिर्फ हौसला बढ़ाया बल्कि और आगे भी देश के उनके इसी तरह के प्रदर्शन के अपेक्षा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार (07 सितंबर) को बयान जारी कर कहा की पीएम मोदी ने पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रवीण कुमार से फोन पर बात की। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरालंपिक खेलों के पदक विजेता प्रवीण कुमार और होकाटो होतोज़े सेमा से टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम ने 40 साल की उम्र में अपने पहले ही पैरालिंपिक में पदक जीतने के लिए होकाटो होतोजे सेमा के प्रयासों की सराहना की। पीएम ने प्रवीण कुमार से चर्चा की कि कैसे उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान इंटरनेट की मदद ली जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिली।"

पैरालंपिक गेम्स 2024 के 10वें दिन हाई जंप एथलीट प्रवीण कुमार ने रिकॉर्ड प्रदर्शन की बदौलत तोक्यो के अपने सिल्वर मेडल को शुक्रवार को पेरिस में गोल्ड मेडल में बदल दिया। इस मेडल की बदौल भारत पैरालंपिक गेम्स की मेडल टैली में कनाडा और कोरिया जैसे देशों से आगे निकलने में सफल हो गया। प्रवीण कुमार ने में पुरुषों की हाई जंप टी64 स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
बातचीत के दौरान ने होकातो से कहा, "होकातो नमस्ते। आप तो फौजी जवान हो। आपने 40 साल की उम्र में पैरालंपिक में पदक जीतकर आना आपके लिए अभूतपूर्व सफलता है। क्या मन कर रहा है।"
इस पर होकातो ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि मैं ऐसा एथलीट हूं जिसने पैरालंपिक में सेना का प्रतिनिधित्व किया है। यह मेरा पहला पैरालंपिक खेल है और मुझे कांस्य पदक मिला। मैं काफी खुश हूं। सर, आपने पैरा एथलीटों का काफी समर्थन किया है और यह सब आप के समर्थन के कारण ही हुआ है।"












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