'सुभाष चंद्र बोस का जीवन, भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा', पराक्रम दिवस समारोह में PM मोदी
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन और योगदान देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है और सरकार ने पिछले 10 सालों में लोगों को उनकी विरासत से जोड़ने के प्रयास किए हैं।
लाल किले पर पराक्रम दिवस समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी जानते थे कि संप्रभुता की कमी केवल शासन से संबंधित नहीं है, बल्कि यह विचार और कार्यों में भी है और इसीलिए प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी ने जागृति पर युवा ध्यान केंद्रित किया।

प्रधानमंत्री ने 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि कल पूरी दुनिया ने भारत की सांस्कृतिक चेतना में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर देखा। पूरी दुनिया और पूरी मानवता ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की ऊर्जा का अनुभव किया। आज हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मना रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले पर पराक्रम दिवस के अवसर पर भारत पर्व 2024 का अनावरण किया। पीएम मोदी ने आगे कहा कि नेताजी जानते थे कि गुलामी का संबंध केवल शासन से नहीं है, बल्कि यह विचारों और कर्मों में भी है। इसलिए उन्होंने उस काल के युवाओं को जागृत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत पर्व देश की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करेगा।
भारत पर्व सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों का प्रतिबिंब
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज पराक्रम दिवस पर लाल किले से भारत पर्व की भी शुरुआत हो गई है। अगले नौ दिनों में भारत पर्व में गणतंत्र दिवस की झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए देश की विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा।
भारत पर्व सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों का प्रतिबिंब है। यह पर्व लोकल फॉर वोकल को अपनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, विविधता का सम्मान करने और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए है। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे इससे जुड़ें। यह पर्व और देश की विविधता का जश्न मनाने का है।












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