Pahalgam Attack पर 2 घंटे की सर्वदलीय बैठक में क्या-क्या हुआ? एयरफोर्स के युद्धाभ्यास का क्या है कनेक्शन?
Pahalgam Attack All Party Meeting: एक ओर देश में गुस्सा, दूसरी ओर रणनीति की गूंज... पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दिल्ली में माहौल गरमा गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में पार्लियामेंट एनेक्सी बिल्डिंग में हुई सर्वदलीय बैठक करीब 2 घंटे तक चली, और इसमें देश की सुरक्षा नीति से लेकर राजनीतिक एकता तक सब कुछ चर्चा में रहा। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, इसमें भारतीय वायुसेना के 'ऑपरेशन आक्रमण' और INS सूरत के मिसाइल परीक्षण का ट्विस्ट भी है!
गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी से लेकर संजय सिंह और सुदीप बंदोपाध्याय तक - सभी पहुंचे और एक स्वर में आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी बोले, 'सभी ने हमला निंदा की। विपक्ष सरकार के साथ है।' और फिर अपने स्टाइल में ऐलान कर दिया - 'मैं कल अनंतनाग जा रहा हूं, घायलों से मिलूंगा।'

ओवैसी साहब थोड़ा भावुक हो गए। बोले - 'पानी कहां रखेंगे, सिंधु जल संधि निलंबित ठीक है, लेकिन कार्रवाई होनी चाहिए।'संजय सिंह ने सरकार पर सीधा वार किया - 'बिना जानकारी जगह खोल दी गई? सुरक्षा में चूक हुई है।' केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने स्थिति को शांतिपूर्वक समेटा - 'सभी एकजुट हैं, सरकार जो भी फैसला लेगी, विपक्ष साथ है।'
अब ट्विस्ट... एयरफोर्स और नौसेना का एक्शन मोड
अब जब दिल्ली में सियासत गरमा रही थी, भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन आक्रमण' शुरू कर दिया - अंबाला और हाशीमारा से दो राफेल स्क्वॉड्रन उड़ान भर चुके हैं। नाम ही ऐसा रखा है - 'आक्रमण', मतलब अगर जरूरत पड़ी, तो जवाब बहुत ही जोरदार होगा। और वहीं, अरब सागर में INS सूरत ने एक मिसाइल से सटीक परीक्षण कर डाला। ये भारत का स्वदेशी विध्वंसक पोत है और इसका टेस्ट सैन्य तैयारी का सीधा संकेत है।
और उधर पाकिस्तान...
पाकिस्तानी एयरफोर्स को रात की नींद उड़ गई। कराची से 18 फाइटर जेट भेजे गए सीमा के पास। नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है क्योंकि पाकिस्तान भी एक नई मिसाइल का टेस्ट करने वाला है - जिसकी मारक क्षमता 480 किमी बताई जा रही है। मतलब, दोनों ओर से शब्दों और हथियारों की तैयारी पूरी है।
बैठक से बाहर निकले दिग्गज, जानें किसने क्या कहा?
पहलगाम हमले के बाद जब दिल्ली में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म हुई, तो नेताओं के बयान सामने आए। बयान अलग-अलग थे, लेकिन मकसद एक - आतंक के खिलाफ एकजुटता और कड़ी कार्रवाई की मांग। आइए जानें किसने क्या कहा और इस पूरी बैठक से निकला क्या?
- राहुल गांधी ने कहा कि सभी ने हमले की निंदा की। सरकार को जो करना है, करे - विपक्ष पूरा साथ देगा। एक्शन मूड में राहुल शुक्रवार को खुद अनंतनाग जाकर घायलों से मिलेंगे।
- मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष) ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री ने की। हमने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने के प्रयास जरूरी हैं।
- संजय सिंह (AAP) ने कहा कि देश गुस्से में है। निर्दोषों को मारने वालों के कैंप तबाह होने चाहिए। 20 अप्रैल को वो जगह कैसे खोली गई, बिना सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के? जवाबदेही तय होनी चाहिए। पाकिस्तान पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
- सुदीप बंद्योपाध्याय (TMC) ने कहा कि बैठक में सुरक्षा चूक पर चर्चा हुई। सरकार जो फैसला लेगी, हम सब उसके साथ हैं।
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) ने कहा- 'भारत को हक है कि वो उस देश पर कार्रवाई करे, जो आतंकियों को पनाह देता है। पाकिस्तान पर हवाई-नौसैनिक नाकाबंदी और हथियार प्रतिबंध लगाया जा सकता है। CRPF वहां क्यों नहीं थी? त्वरित बल पहुंचने में देर क्यों हुई?कश्मीरियों के खिलाफ झूठ फैलाना बंद होना चाहिए। सिंधु जल संधि निलंबन ठीक, लेकिन 'पानी कहां रखेंगे?' ये भी सोचना होगा। सरकार जो भी फैसला ले - हमारा समर्थन है।'
- किरेन रिजिजू (केंद्रीय मंत्री) ने कहा कि आईबी और गृह मंत्रालय ने बताया कि घटना कैसे हुई, और कहां चूक हुई। भारत पहले भी सख्त कार्रवाई करता रहा है और अब भी करेगा। सभी दलों ने सरकार को पूरा समर्थन दिया। बैठक सकारात्मक माहौल में खत्म हुई।
तो क्या निष्कर्ष निकला?
सभी दलों ने पहलगाम हमले की निंदा की। विपक्ष ने सरकार को हर स्तर पर कार्रवाई का खुला समर्थन दिया। सुरक्षा में हुई चूक को लेकर सवाल और जवाबदेही की मांग उठी। पाकिस्तान पर सीधे और अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की बात हुई। सैन्य कार्रवाई से लेकर कूटनीतिक विकल्प तक - सभी विकल्प खुले रखे गए।
बड़ा संदेश: आतंक पर कोई राजनीति नहीं!
यह बैठक सिर्फ शब्दों की नहीं थी - यह दिखाने की कोशिश थी कि जब बात देश की सुरक्षा की हो, तो संसद के भीतर राजनीति नहीं, एकजुटता होनी चाहिए।












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