Pahalgam Attack के मास्टरमाइंड कसूरी ने फिर दी भारत को गीदड़भभकी, PM Modi और वॉटर टेररिज्म का किया जिक्र
India Pakistan News: पहलगाम अटैक के मास्टरमाइंड और LeT डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने एक बार फिर गिदड़ भभकी दिया है। वीडियो में उसने भारत पर "वॉटर टेररिज्म" का आरोप लगाया और फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मोदी को सबक सिखाने की अपील की।
इस्लामाबाद से एक बार फिर भारत विरोधी जहरीला प्रोपेगेंडा सामने आया है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने भारत को लेकर खुली धमकी दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कसूरी ने भारत पर "वॉटर टेररिज्म" (जल आतंकवाद) का आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान "बदला" लेगा।

इस वीडियो से पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और आतंकी नेटवर्क के बीच तालमेल एक बार फिर उजागर हुआ है।
कसूरी की भभकी: मुनीर सिखाएं मोदी को सबक"
वायरल वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की तारीफ करते हुए सुना जा सकता है। उसने कहा मैं हमारे सुप्रीम लीडर फील्ड मार्शल असीम मुनीर से अपील करता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी को वैसा ही सबक सिखाएं जैसा हमने 10 मई 2025 को सिखाया था।
कसूरी ने दावा किया कि वह "फ्लड रिलीफ वर्क" के नाम पर काम कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही उसने भारत पर पाकिस्तान में बाढ़ लाने की साजिश का आरोप लगाया। उसके अनुसार, भारत ने "अनकंट्रोल्ड वाटर रिलीज" यानी जानबूझकर पानी छोड़ा, जिससे पाकिस्तान के कई हिस्सों में बाढ़ आई।
पाक का नया प्रोपेगेंडा: "वॉटर टेररिज्म"
कसूरी के इस बयान ने पाकिस्तान के राजनीतिक नैरेटिव को दोहराया, जिसमें हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी यही आरोप लगाया था। शहबाज शरीफ ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि भारत ने सिंधु जल संधि की शर्तों का उल्लंघन किया है और उसे "अबेयंस (निलंबन)" में रखा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
शरीफ ने अपने भाषण में कहा था भारत का एकतरफा फैसला न केवल संधि का उल्लंघन है बल्कि पाकिस्तान के अधिकारों पर हमला है। अगर यह जारी रहा तो हम इसे युद्ध की घोषणा मानेंगे। हालांकि, शरीफ ने अपने भाषण में एक बार भी आतंकवाद का जिक्र नहीं किया वह मुद्दा जिसके चलते भारत ने संधि को अस्थायी रूप से निलंबित (abeyance) किया था।
पाकिस्तान का दोहरा चेहरा उजागर
कसूरी का यह धमकी भरा वीडियो इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व और आतंकी संगठन एक ही एजेंडा पर काम कर रहे हैं। जहां शरीफ सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर "जल अधिकार" की बात करती है, वहीं आतंकी समूह उसी नैरेटिव का इस्तेमाल भारत विरोधी माहौल भड़काने के लिए कर रहे हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही कहा है कि पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि का दुरुपयोग करता रहा है ताकि आतंकवाद से ध्यान हटाया जा सके।भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि को बहाल नहीं किया जाएगा।
भारत का रुख स्पष्ट: आतंकवाद रुके, तभी संधि बहाल होगी
भारत ने कहा है कि वह अपने संप्रभु अधिकारों के तहत यह कदम उठा रहा है और यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में पूरी तरह वैध है। नई दिल्ली ने साफ कहा है कि पाकिस्तान को पहले यह साबित करना होगा कि उसने सीमापार आतंकवाद को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, तभी किसी भी तरह की वार्ता या संधि बहाल पर विचार किया जा सकता है।












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