Pahalgam Attack पर सर्वदलीय बैठक में एकजुटता, आतंक के खिलाफ सरकार को पूरा समर्थन
Pahalgam Attack All Party Meeting: केंद्र सरकार ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी नेताओं के एक ही सुर सुनाई दिए। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक का माहौल सकारात्मक रहा। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और सरकार को जो भी कदम उठाने हैं, विपक्ष उसके साथ है।
इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विपक्षी नेताओं को विस्तृत ब्रीफिंग दी, जिसमें सुरक्षा में हुई चूक को लेकर सरकार की ओर से जिम्मेदारी स्वीकारी गई।
सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं थी?
मीडिया के सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने कड़े सवाल उठाए कि जब बैसरन घाटी को बिना सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के खोल दिया गया। यह क्षेत्र अमरनाथ यात्रा से पहले जून तक आमतौर पर बंद रहता है, तो 20 अप्रैल को इसे पर्यटकों के लिए कैसे खोल दिया गया, वह भी सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किए बिना। इसके जवाब में बताया गया कि यह फैसला स्थानीय प्रशासन द्वारा लिया गया था और इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं हो सकी।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिस स्थान पर हमला हुआ, वह जमीन से लगभग 45 मिनट की चढ़ाई पर स्थित है और ऐसी आपात स्थितियों के लिए वहां कोई SOP (मानक संचालन प्रक्रिया)मौजूद नहीं थी, जिससे प्रतिक्रिया में देरी हुई।
'सभी का एक ही सुर, आतंक के खिलाफ सरकार को पूरा समर्थन'
बैठक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि, 'यह एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला है। हम सब इस दुखद घटना की निंदा करते हैं और सरकार को आतंक के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए पूरा समर्थन देते हैं।
रिजिजू ने आगे कहा, 'बैठक का माहौल सकारात्मक रहा। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और सरकार को जो भी कदम उठाने हैं, विपक्ष उसके साथ है।' बैठक के दौरान पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था, को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस हमले में 10 से अधिक लोग घायल हुए थे, जिससे देशभर में रोष फैल गया।
भविष्य को लेकर भी हुई चर्चा
इस बैठक को सुरक्षा के गंभीर मुद्दों पर राजनीतिक सहमति का प्रतीक माना जा रहा है, जैसा पहले 2019 के पुलवामा हमले और 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव के समय भी देखा गया था। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू किया जाएगा और अनावश्यक ढील नहीं बरती जाएगी। इस बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (CCS) की बैठक में भी पहलगाम हमले पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें रक्षा मंत्री ने सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति की जानकारी साझा की।
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, आप सांसद संजय सिंह, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय, एनसीपी के सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल, डीएमके के टी शिवा, आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और टीडीपी, बीजेडी, शिवसेना और समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल रहे।












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