'मुसलमानों का यही मूल्य है' नागालैंड में बीजेपी गठबंधन को समर्थन देने को लेकर ओवैसी ने पवार पर साधा निशाना
नागालैंड में बीजेपी गठबंधन की सरकार को समर्थन देना एनसीपी के लिए विवादों की वजह बन गया है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर 'शरद' की जगह कोई 'शादाब' ऐसा करता तो उसे बी टीम कर दिया जाता।

नागालैंड में भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार को एनसीपी का समर्थन देना असदुद्दीन ओवैसी को बिल्कुल ही नागवार गुजरा है। उन्होंने कहा है कि अगर शरद पवार की जगह कोई मुस्लिम नाम होता तो इसे भाजपा की बी टीम कह दिया जाता और तमाम सेक्युलर दल उसे अछूत बताने लगते। उन्होंने पवार का बिना सीधा नाम लिए उनको यह भी याद दिलाने की कोशिश की है कि उनकी पार्टी ने उसी पार्टी का साथ दिया है, जिसने नवाब मलिक जैसे मुस्लिम नेता को जेल में डाला था।

ओवैसी के निशाने पर शरद पवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नागालैंड में भाजपा गठबंधन को सरकार बनाने में समर्थन देने के लिए एनसीपी पर जोरदार हमला किया है। हैदराबाद के सांसद ने सीधे तौर पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पर निशाना साधा है और इस मसले को लेकर कथित सेक्युलर दलों को भी लपेट लिया है। ओवैसी ने इस मामले को हिंदू-मुसलमान का रंग देते हुए कहा है कि अगर शरद की जगह शादाब नाम होता तो उन्हें बी टीम (बीजेपी का) कह दिया जाता और वह धर्मनिरपेक्ष दलों के लिए अछूत बन जाते। हैदरबाद के सांसद ने कहा है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि एनसीपी ने बीजेपी को समर्थन दिया है।

'अगर 'शरद' 'शादाब' होते तो उन्हें बी टीम कहा जाता'
एआईएमआईएम चीफ ने एक न्यूज रिपोर्ट को टैग करते हुए ट्विटर पर यह निशाना साधा है। रिपोर्ट की हेडलाइन है- 'हर जगह विरोधी, लेकिन नागालैंड में नहीं: एनसीपी ने पवार की सहमति के बाद एनडीपीपी-बीजेपी सरकार को समर्थन दिया।' इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने लिखा है, 'अगर 'शरद' 'शादाब' होते तो उन्हें बी टीम कहा जाता और 'सेक्युलरों' के लिए अछूत हो जाते। मैंने कभी भी बीजेपी सरकार का समर्थन नहीं किया है और ना ही कभी करूंगा, लेकिन एनसीपी ने दूसरी बार बीजेपी को समर्थन दिया है........'

'साहिब नवाब मलिक को जेल में डालने वालों का समर्थन कर रहे हैं'
ओवैसी यहीं नहीं रुके और इस मामले में भी हिंदू-मूसलमान करने से नहीं चूके.......उन्होंने आगे लिखा, '.....हो सकता है कि यह आखिरी हो.....साहिब (पवार) उनके मंत्री नवाब मलिक को जेल में डालने वालों का समर्थन कर रहे हैं। यह मुसलमानों का मूल्य है।' गौरतलब है कि नवाब मलिक महाराष्ट्र में एमवीए सरकार में हाई-प्रोफाइल मंत्री थे, लेकिन भ्रष्टाचार और अंडरवर्ल्ड डॉन और मुंबई धमाकों के आरोपी आंतकी दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन के मामले में पद पर रहते ही जेल चले गए थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गठबंधन बचाने के लिए उन्हें पद से बर्खास्त भी नहीं किया था। मलिक जेल में भी मंत्री के तौर पर तबतक रहे, जब उद्धव सरकार शिवसेना टूटने की वजह से खुद नहीं गिर गई।
पवार ने प्रस्ताव को मंजूरी दी- नागालैंड एनसीपी चीफ
गौरतलब है कि 60 सीटों वाली नागालैंड विधानसभा में एनडीपीपी-बीजेपी गठबंधन को 37 सीटें मिली हैं। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो सभी राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने के बाद पवार की पार्टी ने भी उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया है। नागालैंड के एनसीपी प्रमुख ने बुधवार को कहा था, 'सभी अन्य पार्टियों ने सीएम नेफ्यू रियो को अपना समर्थन पत्र दे दिया है, इसलिए हमारे 7 एमएलए अलग-थलग नहीं रह सकते। मैंने हाई कमांड से अनुमि मांगी और पार्टी अध्यक्ष, शरद पवार ने बाकी राजनीतिक पार्टियों के साथ जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।'
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नागालैंड में भाजपा गठबंधन को मिली है बड़ी जीत
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने हाल में हुए नागालैंड विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पार्टी 12 सीटों पर चुनाव लड़ी और उनमें से 7 पर उसे जीत मिल गई। नेफ्यू रियो की नई सरकार का मंगलवार को ही गठन हुआ है। रियो ने पांचवी बार राज्य के सीएम के तौर पर शपथ ली है। उनकी सरकार में 12 कैबिनेट मंत्रियों में से 7 एनडीपीपी कोटे से हैं और 5 भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। इस गठबंधन ने धमाकेदार तरीके से सत्ता पर कब्जा बरकरार रखा है।












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