Indigo की 200 से ज्यादा फ्लाइटें हुई कैंसिल, मुंबई से बेंगलुरू तक मचा हाहाकार, आखिर क्या है वजह?
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कुछ समय से अपनी खामियों के कारण पिछले कुछ समय से सुर्खियों में बनी हुई है। हर दिन 2,200 से अधिक उड़ानें" संचालित करने वाली इंडिगो एयरलाइन ने 3 दिसंबर 2025 को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत अन्य शहरों की लगभग 200 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसके कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 3 दिसंबर को उस समय भारी अफरा-तफरी देखने को मिली, जब इंडिगो की कई उड़ानें गंभीर देरी और रद्द होने से प्रभावित हुईं। ऐसा माहौल केवल मुंबई तक ही सीमित नहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों के एयरपोर्ट पर इंडिगो की उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी

आखिर क्यों रद्द की गई इंडिगो की 200 फ्लाइट?
इसके पीछे मुख्य कारण पिछले महीने लागू हुए 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL)' के संशोधित नियमों के बाद क्रू मेंबर्स और खासकर पायलटों की भारी कमी है। नए नियमों में अधिक आराम के घंटे और मानवीय रोस्टर अनिवार्य किए गए हैं, लेकिन इंडिगो को अपने विशाल नेटवर्क को इनके अनुरूप ढालने में संघर्ष करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से क्रू मेंबर्स और पायलट की कमी के चलते ये उड़ाने रद्द करनी पड़ी।
क्या है नियम?
बता दें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम क्रू मेंबर्स के ड्यूटी पर रहने के घंटों को सीमित करते हैं। वे प्रतिदिन आठ घंटे, प्रति सप्ताह 35 घंटे, प्रति माह 125 घंटे और प्रति वर्ष 1,000 घंटे तक उड़ान को सीमित करते हैं। इस नियम का सख्ती से पालन होने के कारण इंडिगो बड़े स्तर पर क्रू मेबर्स और पायलट की कमी को झेल रही है।
गौरतबल है कि इंडिगो का डोमेस्टिक उड़ानों में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर कब्ज़ा है, इसलिए इसका असर पूरे हवाई यात्रा तंत्र पर महसूस किया गया है। इंडिगो ने एक बयान में कहा, "हम स्वीकार करते हैं कि पिछले दो दिनों से इंडिगो के परिचालन में नेटवर्क भर में महत्वपूर्ण व्यवधान आया है, और हम अपने कस्मर्स को हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं।"
एयरलाइन ने आगे कहा, "अनेक अप्रत्याशित परिचालन चुनौतियाँ, जिनमें मामूली तकनीकी गड़बड़ियाँ, सर्दियों के मौसम से जुड़े कार्यक्रम परिवर्तन, प्रतिकूल मौसम की स्थिति, विमानन प्रणाली में बढ़ती भीड़ और चालक दल के रोस्टर नियमों (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) के अद्यतन कार्यान्वयन शामिल हैं, का हमारे परिचालन पर एक साथ नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसकी पहले से उम्मीद करना संभव नहीं था।"












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