OROP: रिटायर्ट कैप्टनों के पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार, लगा 5 लाख का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत नियमित कप्तानों की पेंशन देने में देरी पर केंद्र को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की। हालांकि अदालत ने केंद्र को मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए एक और मौका दिया। अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने कहा अगर याचिका पर सुनवाई कि अगली तारीख तक केंद्र ने मामले को नहीं सुलझाया तो अदालत कार्रवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वन रैंक वन पेंशन योजना (ओआरओपी) के अनुसार नियमित कप्तानों को देय पेंशन से संबंधित निर्णय लेने में सक्षम नहीं होने के लिए केंद्र की आलोचना की और पांच लाख का जुर्माना लगाया। याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने पेंशन से संबंधित मुद्दे को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार को आखिरी मौका दिया। कोर्ट ने केंद्र को 15 नवंबर तक का समय दिया है।

वन रैंक वन पेंशन स्कीम को रिटायर्ट कैप्टन के लिए लागू करने में देरी को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में अदालत ने कहा कि कितने साल तक ऐसे ही चलता रहेगा? अदालत ने चेतावनी दी कि अगर सुनवाई की अगली तारीख तक फैसला नहीं लिया गया तो अदालत निर्देश देगी कि नियमित कप्तानों को उनकी पेंशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाय।
याचिका पर सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट से माफी मांगी और कहा कि इस पर काम करने के बावजूद अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। उसने तीन महीने का सयम मांगे, लेकिन कोर्ट ने इस संबंध में कोई भी फैसला लेने पर केंद्र से नाखुशी जताई।












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