चीनी ऐप्स बैन पर विपक्ष ने उठाए सवाल, पूछा-क्या प्रतिबंध से उद्देश्य पूरे होंगे
नई दिल्ली। विपक्ष ने चीनी ऐप्स को बैन करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, सरकार का यह फैसला भारत की संप्रभुता और अखंडता , भारत की रक्षा के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। सीपीआई लीडर डी राजा ने कहा कि, सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या चीन के ऐप्स पर बैन लगाने से देश का उद्देश्य पूरा हो जाएगा? राजा ने कहा कि वामपंथियों का मानना है कि सरकार को सीमा पर गतिरोध समाप्त करने के लिए चीन के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करने की आवश्यकता है।

सरकार को निशाने पर लेते हुए सीपीआई नेता ने कहा कि, हम डिजिटल तकनीक की दुनिया में रहते हैं। ऐसे में चीन के ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने से सरकार का उद्देश्य कितना पूरा होगा। एक अन्य वाम नेता, सीपीआई-एम के मोहम्मद सलीम ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, नरेंद्र मोदी को हमारे मैप की रक्षा करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐप पर प्रतिबंध लगाकर बदला लिया।
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वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने पूछा कि चीन के ऐप्स सभी के मोबाइल फोन में हैं ऐसे में सरकार इन पर रोक कैसे लगा सकती है। उन्होंने कहा, 'भाजपा जिंगोइज्म में विश्वास करती है जबकि हम राष्ट्रवाद में विश्वास करते हैं। भाजपा को चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए हमारी जमीन वापस लानी चाहिए। वहीं कांग्रेस पार्टी ने लगभग 59 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित करने के केंद्र सरकार के कदम का स्वागत किया है।

हालांकि कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार से सवाल पूछा है कि उन्होंने चीन की बाकी ऐप पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया? तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की यह कार्रवाई सिर्फ सांकेतिक है। वहीं तिवारी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से एक और सवाल पूछा कि, अलीबाबा प्रतिबंधित सूची में क्यों नहीं है? क्या ये पेटीएम से संबंध के कारण है?












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