राज्यसभा में पीयूष गोयल के खिलाफ विपक्ष लाया विशेषाधिकार प्रस्ताव, जानें कब किया जाता है ये पेश
राज्यसभा में नेता पीयूष गोयल के खिलाफ विपक्ष विशेषाधिकार प्रस्ताव लेकर आया है। दूसरी तरफ, टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन को आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर मानसून सत्र के पूरी कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया गया है।
राज्यसभा में आज यानी मंगलवार को विपक्षी दलों ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के लिए सदन के नेता पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। सदन की कार्यवाही के दौरान सदन के नेता पीयूष गोयल पर INDIA दलों के नेताओं ने विपक्ष को "देशद्रोही" कहकर संबोधित करने का आरोप लगाया है। जिसको लेकर सदन में विपक्षी दलों ने विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया।
यह प्रस्ताव तब पेश किया जाता है, जब किसी सदस्य द्वारा यह पाया जाता है कि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी सदस्य ने किसी मामले के तथ्यों को गलत तरीके से देकर सदन को गुमराह किया हो। क्या बोले जयराम रमेश?

वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि सदन में उनके लिए माफी से कम कुछ भी नहीं है। आपसी बातचीत वाले प्रस्ताव के आधार पर मणिपुर पर तत्काल चर्चा की अनुमति देने से मोदी सरकार का लगातार इनकार।
साथ ही सदन के नेता पीयूष गोयल द्वारा INDIA दलों के नेताओं के खिलाफ की गई अत्यधिक आपत्तिजनक और पूरी तरह से अस्वीकार्य टिप्पणियों के लिए माफी मांगने से इनकार करना। इन दोनों के कारणों के चलते INDIA दल आज शेष दिन के लिए राज्यसभा से एग्जिट कर गए।
क्या था पीयूष गोयल का बयान, जो पेश हुआ विशेषाधिकार प्रस्ताव?
पीयूष गोयल ने कहा था कि कांग्रेस और उसके अहंकारी गठबंधन दल चीनी मीडिया का समर्थन कर रहे हैं और साजिश रच रहे हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की जरूरत है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अहंकारी गठबंधन पार्टियां एक-दूसरे की मदद कर रही हैं। वे देश के खिलाफ दुष्प्रचार का वित्तपोषण कर रहे हैं। राहुल गांधी का कम्युनिस्ट पार्टी और चीन के साथ क्या संबंध है? देश को पता होना चाहिए कि वे भारत के साथ हैं या चीन के साथ..." गोयल ने यह टिप्पणी तब की जब बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने न्यूजक्लिक पर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट उठाई।












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