OPINION: पल-पल प्रगति और समृद्धि के पथ पर हैदराबाद
हैदराबाद की पहचान अब पूरी दुनिया में स्थापित हो रही है। हर क्षेत्र में यह महानगर प्रगति कर रहा है। यह रफ्तार दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है और इसका चेहरा चमकता ही जा रहा है।

हैदराबाद अब वैश्विक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान कायम कर रहा है। ऐसी स्थिति एक दिन में नहीं बनी है। केसीआर सरकार ने इस ऐतिहासिक शहर के इंच-इंच को तराश कर इसे मौजूदा स्वरूप में खड़ा किया है। यह तब संभव हुआ है जब भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। आउटर रिंग रोड अब शहर का केंद्र बनता जा रहा है। ये 158 किलोमीटर लंबी सड़क ही नहीं है, यह इस महानगर के अत्याधुनिक विकास का प्रतीक बन रही है। आउटर रिंग रोड के बाहर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल या अमेजन जैसी दुनिया की मशहूर कंपनियां अपने डेटा सेंटर का निर्माण कर रही हैं। वजह साफ है। एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी, जिससे यह इलाका उद्योग जगत के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।

हैदराबाद की शान बन रही है आउटर रिंग रोड
यूं तो पूरा हैदराबाद शहर विकास का दूसरा नाम बन चुका है। लेकिन, ग्रेटर हैदराबाद के आसपास वाला आउट रिंग रोड का इलाका अपनी एक खास पहचान के साथ विकसित हो रहा है। शहर का चौतरफा विकास हो रहा है, जिसकी रफ्तार भी तेज है और काम भी शानदार हो रहा है। जब बुनियादी ढांचे के विकास के लिए व्यवस्था की गई है, तो रियल एस्टेट को भी यह अपनी ओर खींच रहा है। रियल एस्टेट के साथ-साथ बाकी क्षेत्रों में निवेश के लिए भी यह इलाका मुनासिब है। यही वजह है कि फार्मा, लाइफ साइंस, डिफेंस, एयरोस्पेस, मेडिकल उपकरण, इलेक्ट्रोनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की कंपनियों के लिए यह नया हब बन रहा है। शहर में आईटी क्षेत्र का विकास तो हुआ ही है, शहर के बाहरी हिस्से से गुजरने वाली बाहरी रिंग रोड आईटी कॉरिडोर का काम कर रही है।

कनेक्टिविटी पर भी है पूरा जोर
शहर के अंदरुनी इलाके के लिए भी आउटर रिंग रोड से शानदार कनेक्टिविटी है। यही वजह है कि कई कंपनी महानगर के उपनगरीय इलाके में भी अपनी नई प्रोजेक्ट को लेकर दिलचस्पी दिखाने लगी हैं। विदेशी रियल्टी कंपनियां भी विशाल स्काईस्क्रैपर्स के निर्माण में जुट गई हैं। यहां 59 मंजिली इमारतें तक बनाई जा रही हैं। सरकार की ओर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की प्राथमिकता तो रही ही है। आईटी कॉरिडोर से एयरपोर्ट तक रायदुर्ग मेट्रो स्टेशन से मेट्रो एक्सप्रेस लाइन का भी निर्माण हो रहा है। यह भी आउटर रिंग रोड से होकर गुजर रही है। आउटर रिंग रोड से चार रेलवे लाइनें जुड़ी हुई हुई हैं, उसके पास ही एक नए सैटेलाइट रेलवे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शहर के भीतरी हिस्सों से आउटर रिंग रोड को जोड़ने के लिए 33 रेडियल रोड का निर्माण भी चल रहा है। इस तरह से उपनगरीय इलाकों तक बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की जा रही है।

स्वच्छ जल के लिए विशाल पाइप लाइन बिछ रही है
बुनियादी ढांचे का विकास तबतक संपूर्ण नहीं होता, जबतक स्वच्छ जल की सप्लाई सुनिश्चित न हो जाए। इसके लिए आउटर रिंग रोड के आसपास एक विशाल पाइप लाइन बिछायी जा रही है। इसे कृष्णा और गोदावरी नदी से आने वाली पाइप लाइनों से जोड़ा जा रहा है। आउटर रिंग रोड के आसपास पहले 22 इंटरचेंज का निर्माण होगा। लेकिन, भविष्य में तीन और नए इंटरचेंज बनाए जाएंगे। क्योंकि, भविष्य में विकास को विस्तार देने के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी। महेश्वरम, तुक्कुगुड़ा, कोंगारा कलां इलाकों में फैब सिटी और ई-सिटी बन चुके हैं। मुचेरला के पास देश की सबसे बड़ी फार्मेसी का निर्माण प्रगति पर है। कई नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। मेडचल और पाटनचेरु के बीच सुल्तानपुर में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया गया है। आउटर रिंग रोड का निर्माण इस तरह के अत्याधुनिक तरीके से किया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की गुंजाइश भी कम की जा सके।












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