कांग्रेस में खुली जंग, मोइली बोले UPA-2 की बर्बादी के लिए जयराम जिम्मेदार
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़ना कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश और शशि थरूर दोनों को ही भारी पड़ सकता है। कांग्रेस के दोनों नेता अब तक मोदी और उनकी नीतियों के कट्टर आलोचक थे। लेकिन, हाल के दिनों में इन्होंने अचनाक सियासी पैंतरा बदल लिया है और अपनी पार्टी के आलाकमान को ही आईना दिखाना शुरू कर दिया है। जयराम और थरूर का यह रवैया वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली को जरा भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है और उन्होंने पार्टी हाई कमान से तत्काल इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर दी है।

यूपीए-2 की बर्बादी के लिए जयराम जिम्मेदार-मोइली
कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने अपने ही पार्टी के दिग्गज जयराम रमेश को यूपीए-2 की बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल, हाल ही में जयराम रमेश ने कांग्रेस को नसीहत दी थी कि मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने से पार्टी को कोई फायदा नहीं मिलने वाला। इसी पर मोइली ने उनके खिलाफ अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि 'अगर कांग्रेस खलनायक (मोदी को) साबित कर रही है' तो "वे (जयराम) हमारी सरकार (यूपीए-2) की पॉलिसी पारालाइसिस के लिए जिम्मेदार हैं और वे शासन के सिद्धांतों से कई बार समझौता करने के भी उत्तरदायी हैं।" उन्होंने पीएम मोदी पर दिए गए उनके बयान को बहुत ही खराब बताते हुए आरोप लगाया कि वे अपने बयानों के जरिए बीजेपी के साथ कंप्रोमाइज करना चाह रहे हैं। मोइली ने कहा है कि 'कोई भी नेता जो इस तरह का बयान देता है, मैं समझता हूं कि वह कांग्रेस पार्टी या उसके नेतृत्व की सेवा नहीं कर रहा है।'

थरूर पर भी भड़के मोइली
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री पीएम मोदी की सराहना करने के लिए तिरुवनंतपुरम के पार्टी सांसद शशि थरूर पर भी भड़के हुए हैं। उन्होंने थरूर के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उन्हें कभी भी परिपक्व नेता नहीं माना जाता है और वे सिर्फ प्रेस में जगह बनाने के लिए उल्टे-सीधे बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे नहीं समझते कि थरूर के बयान को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि वे एक परिपक्व नेता की तरह व्यवहार करें।

जयराम और थरूर ने की थी मोदी की तारीफ
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि राजनीतिक वर्ग को पिछले पांच साल में मोदी सरकार की ओर से किए कामों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इसी के चलते वे '30 फीसदी से ज्यादा मतदाताओ' के समर्थन से सत्ता में फिर से लौटे हैं। रमेश ने कहा था कि "वे (मोदी) ऐसी भाषा में बात करते हैं, जो उन्हें लोगों से जोड़ता है। अगर आप हमेशा उनका दुष्प्रचार करते रहेंगे तो आप उनका सामना करने में सक्षम नहीं हो पाएंगे।" इसके बाद थरूर ने जयराम रमेश के बयान का बचाव किया था। थरूर ने ट्विटर पर लिखा था- मोदी जब भी कुछ अच्छा कहते हैं या करते हैं तो उनकी तारीफ की जानी चाहिए, ऐसे में जब उनकी गलतियों पर हम उनकी आलोचना करेंगे, तो उसकी अहमियत बनी रहेगी। लेकिन, अब इन नेताओं का यही नजरिया पार्टी की ओर से उनपर भारी पड़ता दिख रहा है।












Click it and Unblock the Notifications