स्कूल में दोस्‍तों के साथ कंम्‍पटीशन करते हुए छात्रा निगल गई 45 आयरन की गोलियां, जानें फिर क्‍या हुआ

ऊटी के सरकार स्‍कूल में पढ़ने वाली छात्रा ने अपने सहेलियों के साथ प्रतिस्‍पर्धा करते हुए 45 आयरन की गोलियां एक साथ निगल गई।

iron tablet

स्‍कूल में बच्‍चे दोस्‍तों के साथ कंम्‍पटीशन में कई बार ऐसी हरकतें कर जाते हैं, जिसका खामियाजा कई बार उनके साथ उनके पेरेंन्‍ट्स को भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ये मामला ऊटी म्युनिसिपल उर्दू मिडिल स्कूल, कंडाल का है जहां पढ़ने वाली आठवीं की छात्रा ने स्‍कूल में हेडमास्‍टर के कमरे में रखी आयरल की गोलियां दोस्‍तों के साथ कम्‍पटीशन करते हुए खा ली और उसके साथ जो हुआ उसे सुनकर हर कोई डर गया है।

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आयरन की 45 गोलियां एक साथ निगल गई

ऊटी म्युनिसिपल उर्दू मिडिल स्कूल, कंडाल की छात्रा जेबा फातिमा ने अपनी सलेलियों के साथ 'हिम्मत का खेल' में कंप्‍टीशन करते हुए आयरन की 45 गोलियां एक साथ निगल गई जिसके बाद उसे अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया। जेबा फातिमा की हालत बिगड़ी तो उसे चेन्नई के स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। सलेम के पास रास्ते में ही गुरुवार को छात्रा की मौत हो गई।

पांच और छात्र-छात्राओं को करवाया गया अस्‍पताल में एडमिट

वहीं फातिमा के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाली तीन अन्य लड़कियों और दो लड़कों ने चक्कर आने की शिकायत की और उन्हें ऊटी के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। चारों लड़कियों को आगे के इलाज के लिए कोयम्बटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।


एक-दूसरे को चुनौती दी कि कौन अधिक गोलियां खाएगा

जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी ए मुनिस्वामी ने बताया पिछले सोमवार को छह छात्र लंच के समय प्रिंसिपल के कमरे में दाखिल हुए और उन्‍हें वहां आयरन की गोलियों से भरा एक डिब्बा मिला। उन्होंने एक-दूसरे को चुनौती दी कि कौन अधिक गोलियां खाएगा, और उन्हें अंदर डालना शुरू कर दिया। दो लड़कों ने दो या तीन गोलियां खाईं, वहीं तीनों लड़कियों ने कम से कम 10-10 गोलियां लीं। मुनिस्वामी ने कहा, जेबा फातिमा ने तीन स्ट्रिप्स खाईं, जिनमें से प्रत्येक में 15 गोलियां थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी शाम को ही हुई थी। जेबा की मां स्कूल में उर्दू की शिक्षिका हैं।

आठ शिक्षकों और प्रिंसिपल से शिक्षा विभाग ने मांगा है स्पष्टीकरण

7 मार्च को शिक्षा विभाग ने स्कूल के सभी आठ शिक्षकों और प्रिंसिपल को ज्ञापन देकर स्पष्टीकरण मांगा। एक अधिकारी के मुताबिक सरकारी स्कूलों में आठवीं से बारहवीं कक्षा की छात्राओं को सप्ताह में एक बार आयरन की गोलियां दी जाती हैं। टेबलेट वितरण के लिए एक नोडल शिक्षक को सौंपा गया है। मुनिस्वामी ने कहा, "इस स्कूल की नोडल शिक्षिका कलैवानी उस दिन छुट्टी पर थीं।

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