लॉकडाउन में गैर-जरूरी सामानों की डिलीवरी नहीं कर पाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने ने लिए सरकार ने तीन मई तक लॉकडाउन का ऐलान किया है। वहीं 20 अप्रैल से देश के कई इलाकों में लॉकडाउन में छूट दी जाएगी। इस दौरान ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनियों को भी छूट दी गई है, लेकिन रविवार को गृह मंत्रालय ने एक बार फिर साफ कर दिया कि सिर्फ जरूरी सामानों की ही सप्लाई ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा की जाएगी।
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गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद ये फैसला लिया गया कि ई-कॉमर्स कंपनियां गैर जरूरी सामानों की डिलीवरी नहीं करेंगी। लॉकडाउन के दौरान उन्हीं सामानों की डिलीवरी करने की अनुमति रहेगी, जो पहले से जारी जरूरी सामानों की लिस्ट में आते हैं। इस लिस्ट में सब्जी, फल, अनाज, अंडा, मीट, दवाइयां आदि को शामिल किया गया है। वहीं ई-कॉमर्स कंपनियों के वाहनों के संचालन को भी छूट दी गई है। सरकार ये छूट उन इलाकों में देगी जहां कोरोना के मामले नहीं आए हैं। हॉटस्पॉट वाले इलाकों में पहले की तरह पांबदियां लागू रहेंगी।
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ये सेवाएं भी कल से हो रहीं शुरू
- सभी स्वास्थ्य सेवाएं (आयुष सहित)
- सभी कृषि और बागवानी गतिविधियां
- मछली पकड़ने (समुद्री / अंतर्देशीय) जलीय कृषि उद्योग का संचालन
- वृक्षारोपण गतिविधियां जैसे कि चाय, कॉफी और रबर के बागान
- पशुपालन गतिविधियां
- वित्तीय क्षेत्र
- सामाजिक क्षेत्र
- मनरेगा के कार्य- सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क अनिवार्य तौर पर पहनना होगा
- सार्वजनिक सुविधायें
- माल / कार्गो (इंटर और इंट्रा) राज्य को लोड करने और उतारने की अनुमति
- ऑनलाइन शिक्षण / दूरस्थ शिक्षा
- आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति
- वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठानों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी
- उद्योग / औद्योगिक प्रतिष्ठान (सरकारी और निजी दोनों)
- निर्माण गतिविधियां
- चिकित्सा और पशु चिकित्सा सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए निजी वाहन
- भारत सरकार और राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के कार्यालय खुले रहेंगे












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