"समस्या आपकी अतिशयोक्ति ...": वन रैंक वन पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछे ये सवाल
"समस्या आपकी अतिशयोक्ति ...": वन रैंक वन पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछे ये सवाल
नई दिल्ली, 16 फरवरी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सशस्त्र बलों में वनरैंक वन पेंशन को लेकर केंद्र से सवाल किया था क्या वह पेंशन में भविष्य में बढ़ोत्तरी करने के अपने फैसले से मुकर गया है? इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि समस्या है कि केन्द्र इस मामले में अतिशयोक्ति OROP नीति पर आकर्षक तस्वीर प्रस्तुत करती है जबकि इतना कुछ सशस्त्र बलों के पेंशनरों को मिला नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज पूर्व सैनिकों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन नीति पर केंद्र की वास्तव में सैन्य पेंशनभोगियों को दी जाने वाली तुलना में बहुत अधिक मनलुभावनी तस्वीर प्रस्तुत करती है। केंद्र सरकार ने कहा कि नीति पर फैसला केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने लिया है।
ओआरओपी "वन रैंक, वन पेंशन" जिसका उद्देश्य नौकरी में रहते साथ समान रैंक पर रिटायर होने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए पेंशन एक जैसी हो।
इस केस के याचिककर्ता ने कहा कि इंडियन एक्स-सर्विसमैन मूवमेंट चाहता है कि ओआरओपी को पांच साल में एक बार आवधिक समीक्षा की वर्तमान नीति के बजाय हर साल संशोधित किया जाए। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा एक मंत्री के सदन के पलट पर दिए गए बयान की नैतिकता क्या है। याचिकाकर्ता के वकील हुज़ेफ़ा अहमदी ने कहा कि 2014 में सेवानिवृत्त हुए सेवानिवृत्त लोगों को 1965 और 2013 के बीच सेवानिवृत्त होने वालों की तुलना में अधिक पेंशन मिल रही है, जो ओआरओपी के उद्देश्य को विफल करता है।
आज सुनवाई में केंद्र ने अपना बचाव करते हुए कहा कि ओआरओपी पर फैसला केंद्रीय कैबिनेट ने लिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी तक ओआरओपी की कोई वैधानिक परिभाषा नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने संसदीय चर्चा और ओआरओपी नीति के बीच विसंगति पर याचिकाकर्ता की दलील को ध्यान में रखते हुए कहा, "समस्या यह है कि नीति पर आपकी अतिशयोक्ति वास्तव में दी गई तुलना में बहुत अधिक सुनहरी तस्वीर प्रस्तुत करती है।
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहाजैसा कि मैंने कहा, ओआरओपी एक वैधानिक शब्द नहीं है, यह कला का एक शब्द है। पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ भी शामिल थे। केंद्र के वकील एन वेंकटरमन ने जवाब दिया, "हां, यह कला का एक शब्द है जिसे हमने बारीकियों के साथ और बिना किसी मनमानी के परिभाषित किया है।












Click it and Unblock the Notifications