Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

वन नेशन, वन इलेक्शन हमारी प्रतिबद्धता, पीएम मोदी ने इंटरव्यू में दिया बड़ा संकेत

PM Modi Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'एक देश, एक चुनाव' के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है। बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टों में भी इसे प्रमुखता से जगह दी है और जिस तरह से चुनाव से पहले अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने इस वादे को दोहराया है, उससे एक बड़ा संकेत मिल रहा है।

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक विस्तृत इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में इसपर जो कमेटी बनी थी, उसे इसपर बहुत ही सकारात्मक और अभिनव सुझाव मिले हैं।

pm modi interview

एक देश, एक चुनाव हमारी प्रतिबद्धता है- प्रधानमंत्री
पीएम मोदी के मुताबिक, 'एक देश, एक चुनाव हमारी प्रतिबद्धता है। हमने इसके बारे में संसद में भी बात की है। हमने एक कमेटी भी बनाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर देश में कई लोग साथ आए हैं। कई लोगों ने कमेटी को अपना सुझाव दिया है। कमेटी को बहुत ही सकारात्मक और अभिनव सुझाव प्राप्त हुए हैं और अगर हम इस रिपोर्ट को लागू करने में सफल हुए तो देश को काफी लाभ मिलेगा।'

बीजेपी के संकल्प पत्र में भी किया गया एक साथ चुनाव का वादा
रविवार को जारी बीजेपी के संकल्प पत्र में भी 'एक देश, एक चुनाव' को प्रमुखता दी गई है। इसको लेकर पार्टी के संकल्प पत्र में कहा गया है, 'एक साथ चुनाव करवाने के मुद्दे की पड़ताल के लिए हमने एक उच्च-अधिकार प्राप्त समिति बनाई थी और इस समिति की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में काम करेंगे।'

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने की है सिफारिश
इस घोषणा पत्र में एक सामान्य इलेक्ट्रॉल रोल का भी वादा किया गया है। पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने 'एक देश, एक चुनाव' पर विचार करने के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी बनाई थी और देश में एकसाथ चुनाव करवाने के लिए सुझाव मांगे थे।

समिति ने राष्ट्रपति को सौंपी है अपनी सिफारिशें
2 सितंबर, 2023 को बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी ने 191 दिनों तक कार्य किया, सभी तरह के स्टेकहोल्डर्स, एक्सपर्ट के साथ सलाह-मशवरा किया और गहन रिसर्च के आधार 18,626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की। कमेटी को सुझाव मिले कि बार-बार होने वाले चुनावों की वजह से आर्थिक विकास में बाधा आती है, सरकारी व्यय की गुणवत्ता प्रभावित होती है, शिक्षा पर भी असर पड़ता है और सामाजिक सौहार्द को लेकर भी चिंता रहती है।

इस समिति ने पिछले महीने ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इस समिति ने जो सिफारिशें की हैं, उसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ में करवाना शामिल है। इसने स्थानीय निकायों (शहर और ग्राम पंचायतों) के चुनाव भी इस तरह से करवाने की सलाह दी है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के एक साथ आयोजन के 100 दिनों के अंदर ही स्थानीय निकाय के इलेक्शन भी संपन्न करवा लिए जाएं।

इस समिति ने सिफारिश कि है कि अगर त्रिशंकु सदन की स्थिति पैदा होती है या अविश्वास प्रस्ताव की वजह से नए चुनाव की आवश्यकता होती है तो वह पांच साल के बाकी बचे कार्यकाल के लिए ही करवाए जाएं।

समिति में शामिल अन्य सदस्य
इस समिति के अन्य सदस्यों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा के पूर्व नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे, पूर्व सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी शामिल थे। केंद्रीय कानून और न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल इसके विशेष आमंत्रित सदस्य और डॉ नितेन चंद्र इस समिति के सचिव बनाए गए थे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+