मौत के एक महीने बाद भी अमेरिकी चुनाव जीत गया कोरोना से जंग हार चुका ये शख्स
नई दिल्ली- अमेरिकी चुनाव में एक ऐसे शख्स की भी जीत हुई है, जिसकी एक महीने पहले ही कोरोना वायरस के चलते मौत हो चुकी है। डेविड डीन एंढल नॉर्थ डकोटा राज्य की विधायिका के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अमेरिका में चुनाव जीते हैं। मंगलवार को आए चुनाव परिणामों के मुताबिक डेविड नॉर्थ डकोटा के 8वें जिले से राज्य के प्रतिनिधि चुने गए हैं। वे 35.3 फीसदी मतों के साथ चुनाव जीते हैं। जबकि, उनकी मौत पिछले महीने 7 अक्टूबर को ही कोविड-19 संक्रमण के चलते हो चुकी है।

55 साल के डेविड डीन एंढल अमेरिका के पिछले 20 वर्षों के इतिहास में ऐसे 6ठे शख्स बन चुके हैं, जो अमेरिका में किसी भी स्तर पर निधन के बाद चुनाव जीते हैं। डेविड पेशे से एक पशुपालक और लैंड डेवलपर थे। अमेरिका का नॉर्थ डकोटा एक गांव बहुल राज्य है, जिसकी आबादी 7,60,000 से ज्यादा है। यहां जनसंख्या के हिसाब से प्रतिव्यक्ति कोरोना संक्रमितों की तादाद देश में सबसे ज्यादा है। पिछले सात दिनों में यहां प्रत्येक एक लाख की जनसंख्या पर रोजाना 150 मामले सामने आ रहे हैं।
न्यू यॉर्क टाइम्स ने नॉर्थ डकोटा के विदेश मंत्री एल्विन जाईगर के हवाले से बताया है कि 18 सितंबर से ही वहां मेल-इन वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, इसीलिए डेविड डीन एंढल की 7 अक्टूबर को मौत होने के बावजूद वोटिंग की प्रक्रिया नहीं रोकी जा सकी और नतीजों में उन्हें विजेता घोषित किया गया है। इसी साल डेविड ने नॉर्थ डकोटा के प्रतिनिधि जेफ डेल्जर के खिलाफ प्राथमिक चुनाव जीता था। डेविड को नॉर्थ डकोटा के गवर्नर डोग बर्गम और ट्रंप के सहयोगी सीनेटर केविन क्रैमर का भी समर्थन हासिल था। एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक क्रैमर ने एंढल का समर्थन करते हुए कहा था, 'क्योंकि हमें राज्य विधायिका में और ज्यादा ट्रंप रिपब्लिकन की आवश्यकता है।'
7 अक्टूबर को उनकी मौत की सूचना उनके परिवार वालों ने ही उनके फेसबुक कैंपेन पेज पर दी थी और बताया था कि उनका निधन कोविड-19 की वजह से हुआ है। परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया था, 'हमारे प्यारे बेटे डेविड ने कल कोविड-19 से एक छोटी जंग लड़ते हुए प्राण त्याग दिए। कुछ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के चलते वह बहुत ही ज्यादा सतर्क थे, लेकिन वह इस बीमारी से उबर पाने में असफल रहे। ' संक्रमण के बाद डेविड मुश्किल से एक हफ्ते तक अस्पताल में रहे और आखिरकार अमेरिका में कोरोना से मरने वाले करीब 2,32,000 लोगों में शामिल हो गए।
पिछले 17 अक्टूबर को राज्य के अटॉर्नी जनरल वायेन स्टेनेह्जेम ने कहा था कि अगर हाल में मृत हुआ कोई उम्मीदवार चुनाव जीतता है तो खाली जगह को स्थानीय रिपब्लिकन पार्टी उसकी सीट पर किसी दूसरे को नियुक्त कर सकती है। स्थानीय सूचनाओं के मुताबिक वह उस अमेरिकी नियम का हवाला दे रहे थे, जिसका पालन अधिकर अमेरिकी राज्य करते हैं। इसके मुताबिक जनता की इच्छा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। एक आंकड़े के मुताबिक पिछले करीब 20 वर्षों में अमेरिका में करीब 6 उम्मीदवार अलग-अलग स्तर पर मौत के बाद भी इसी तरह से चुनाव जीते हैं।












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