Odisha: परेशानी-मुक्त इलाज सुनिश्चित करेंगे स्मार्ट कार्ड

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भुवनेश्वर, 20 सितंबर: ओडिशा सरकार की महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) स्मार्ट कार्ड, सुशासन के लिए तकनीक के उपयोग और कई विषयों पर वनइंडिया ने ओडिशा सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग के सचिव मनोज मिश्रा से खास बातचीत की है। इसमें मिश्रा ने इन विषयों से संबंधित तमाम सवालों का खुलकर और बहुत ही स्पष्टता से जवाब दिया है। उन्होंने ओडिशा के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिस डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिक्र किया है, वह दूसरे राज्यों के लिए भी नजीर बन सकता है। यह पूरी बातचीत प्रश्न और उत्तर के रूप में यहां दिया जा रहा है:-

Odisha Smart cards

सवाल: बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के तहत सभी 96 लाख परिवारों को उनके स्मार्ट कार्ड कब मिलेंगे ?

जवाब: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) कार्ड तैयार करना इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग और ओसीएसी के लिए वास्तव में एक प्रतिष्ठित परियोजना है। राज्य के प्रत्येक 96.5 लाख लाभार्थी परिवारों के लिए 2 डिजिटल हेल्थ कार्ड प्राप्त करना एक कठिन कार्य है। लेकिन, बहु-विभागीय अधिकारियों के पूरी तरह से समन्वित प्रयास से काम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है और हमें पूरा भरोसा है कि हमें जो आदेश दिए गए हैं उसके मुताबिक हम सारा काम पूरा कर लेंगे। परंतु, नागरिकों को कार्ड का वितरण योजना प्रभारी विभाग की जरूरत के अनुसार जिलों के सहयोग से किया जाएगा

सवाल: स्मार्ट कार्ड से लाभार्थियों को कैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी?

जवाब: स्मार्ट बीएसकेवाई कार्ड माननीय मुख्यमंत्री की ओर से लाभार्थी परिवारों से किए गए वादे की एक भौतिक अभिव्यक्ति है। इस डिजिटल कार्ड के जरिए परिवार का कोई भी सदस्य सिर्फ किसी भी सरकारी अस्पताल या पैनल में शामिल 200 से ज्यादा निजी अस्पतालों तक जाएगा और कैशलेस के साथ परेशानी-मुक्त इलाज करा सकेगा। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि बीएसकेवाई एक बीमा आधारित योजना नहीं है, बल्कि एक विश्वास आधारित स्वास्थ्य योजना है। यह अस्पतालों में हुए खर्चों के लिए नागरिक पर भुगतान का कोई बोझ नहीं डालता है। इस प्रक्रिया में अस्पतालों को सीधे सरकार के साथ अपने स्तर पर डील करनी होती है और दावे के निपटारे में मरीजों को शामिल नहीं किया जाता है। यह स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था में एक बहुत ही बड़ा परिवर्तनकारी दृष्टिकोण है और शायद देश में अपनी तरह का एक ही है।

सवाल: यह स्मार्ड कार्ड कैसे काम करेगा ?

जवाब: 5 टी के मंत्र के बारे में अब सबको पता है। इस परिवर्तनकारी एजेंडे का आधार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल है। टीम वर्क में सुधार के लिए, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, परिवर्तन पाने के वास्ते समय कम करने के लिए टेक्नोलॉजी। बीएसकेवाई अपनी क्षमता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। हम हर अस्पताल परिसरों में स्मार्ड कार्ड पढ़ने के लिए पीओएस मशीनें लगवा रहे हैं। पीओएस मशीन में आइरिस और फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन होता है और रीयल टाइम बेसिस पर 'आधार' ढांचे का उपयोग करके लाभार्थी की पुष्टि करता है। और बिल की सारी प्रोसेसिंग पूरी तरह से ऑनलाइन होती है, अस्पताल में पहुंचने से लेकर सरकार की ओर से अस्पताल को बकाए के भुगतान की मंजूरी मिलने तक। यह सिस्टम बाधा-रहित है।

सवाल: सरकार 5टी पहल के तहत टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। आपके विचार?

जवाब: इस सरकार में कार्य प्रवाह के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी व्यापक है। प्रत्येक विभाग में फाइलों का आंतरिक कामकाज, निचले स्तर से लेकर ऊंचे स्तर तक, माननीय मुख्यमंत्री तक, ओसवास (ओएसडब्ल्यूएएस) नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर है। और अब इसका विस्तार सभी निदेशालयों के साथ-साथ जिला कलेक्ट्रेट को भी एक छतरी के नीचे लाकर कर दिया गया है। इसलिए, इस सरकार में टेक्नोलॉजी की स्वीकार्यता बहुत ही तेज और बहुत ही गहन है। उदाहरण के लिए कालिया (केएएलआईए) को लेते हैं। अभी 3 दिन पहले ही माननीय सीएम ने माउस के एक क्लिक से 37 लाख छोटे और सीमांत किसानों के बीच 743 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। केवल टेक्नोलॉजी से ही पात्र किसानों को उनके पैसे बिना किसी मध्यस्थ के या किसी सरकारी दफ्तर में गए और कई तरह के फॉर्म भरे और पहले की तरह घोषणापत्र दिए मिलना संभव हुआ है।

सवाल: उन ग्रामीण लोगों की मदद के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं जो अभी तक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं?

जवाब: कालिया (केएएलआईए) या बीएसकेवाई जैसे प्रमुख कार्यक्रम और योजनाएं ही नहीं, 43 विभागों को कवर करने वाली 400 से अधिक सरकारी सेवाएं ओडिशा के अनोखे एकीकृत ओडिशावन पोर्टल के माध्यम से निर्बाध रूप से शुरू से अंत तक काम करती हैं। हालांकि, हम दक्षता और प्रभावशीलता लाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं, लेकिन हम नागरिकों के उस वर्ग से अवगत हैं जो अभी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने में सक्षम नहीं हैं। उनके लिए हमारे पास जीपी स्तर पर एमओ सेवा केंद्रों के जरिए यह हाइब्रिड मॉडल है, जो कि ओडिशा का अपना डिजिटल सर्विस कियोस्क है, जो लोगों को उनके दूर-दराज घरों से सरकारी कार्यालयों तक आए बिना सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद करता है। हमने 4,000 से ज्यादा ये एमओ सेवा केंद्र स्थापित किए हैं और प्रत्येक जीपी तक इसकी पहुंच संभव बनाने के लिए इसकी संख्या बढ़ाना जारी रखेंगे।

सवाल: आपके विभाग की ओर से और क्या पहल किए जा रहे हैं ?

जवाब: 5टी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए आईटी विभाग जो भविष्य के मुताबिक और साहसिक कदम उठा रहा है, उनमें से एक है सोशल प्रोटेक्शन डिलिवरी प्लेटफॉर्म (एसपीडीपी) का निर्माण। यह अवधारणा लाभार्थियों और सरकार दोनों के लिए दूरगामी और सकारात्मक परिणाम वाला है। यह प्लेटफॉर्म ओडिशा को लाभार्थियों तक खुद से पहुंच कर उन्हें सेवाएं उपलब्ध करवाने में सक्षम बनाएगा और नागरिकों को उनके उचित बकाए और लाभ दिलाने के लिए उनकी ओर से आवेदन पर निर्भर नहीं रहना होगा। और जब हम इस प्लेटफॉर्म को बनाते हैं और "सत्य का एकल स्रोत" निर्मित करते हैं, तो हमारा लक्ष्य सेवाओं के वितरण में दक्षता और प्रभावशीलता के सार तक पहुंचना है - सीधे, दोषरहित और समय पर।

ओडिशा सरकार की महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) स्मार्ट कार्ड सुशासन का एक बेहतरीन नजीर बन सकता है। नवीन पटनायक सरकार जिस तरह से नागरिकों को डिजटली जोड़ रही है वह बहुत ही अनोखा है और आने वाले वक्त में कुछ और परिवर्तनकारी कदम उठाए जाने वाले हैं, जिसके तहत सरकार खुद लाभार्थियों को तलाश कर उन तक लाभ पहुंचाने वाली है।

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