Odisha: रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे NREGS के आंकड़े, हल होगी रोजगार की समस्या, जानिए कैसे
ओडिशा में रोजगार की समस्या को हल करने में रोजगार गारंटी योजनाओं को अहम रोल रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय आवंटन में भारी कमी बावजूद 85 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया। जबकि स्वीकृत श्रम बजट कुल 12.79 करोड़ मानव दिवस था।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NRGES) के तहत वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट में वित्तीय आवंटन में भारी कमी देखी गई। इसके बावजूद स्वीकृत श्रम बजट से अब तक 85 प्रतिशत से अधिक उत्पादन के साथ अब तक हासिल किया जा चुका है।

पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में 20 करोड़ से अधिक मानव दिवस उत्पन्न करने के बाद, श्रम गहन कार्य की मांग 2022-23 में घटकर 12.87 करोड़ मानव दिवस हो गई। चालू वित्तीय वर्ष के लिए अनुमोदित श्रम बजट 15 करोड़ मानव दिवस था और आज की तारीख में 3,709.41 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
फंड का उपयोग 85.37 प्रतिशत है। जबकि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य के लिए स्वीकृत 4,345.32 रुपये के मुकाबले अब तक 3,551.53 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हालाँकि, राज्य सरकार द्वारा पारिश्रमिक के समय पर भुगतान के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के बावजूद श्रमिकों को 28.70 करोड़ रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
बता दें कि केंद्र द्वारा 2023-24 के लिए बजट आवंटन घटाकर 60,000 करोड़ रुपये करने के बाद विपक्ष शासित राज्यों ने चिंता व्यक्त की थी। रिपोर्ट के मुताबिक कार्य योजना को तहत रिपोर्ट करने वाले 28.54 लाख परिवारों में से 1,51,610 ने 100 दिन का काम पूरा कर लिया है। 6 नवंबर तक सृजित 12.79 करोड़ मानव दिवसों में महिला श्रमिकों का प्रतिशत 49 प्रतिशत से अधिक है। राज्य में रोजगार के औसत दिन 45 हैं और औसत मजदूरी दर 246.22 रुपये प्रति व्यक्ति है।
वहीं भुगतान में देरी को लेकर विभाग के सूत्रों ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी के लिए श्रमिकों के बैंक खातों में आधार नंबर नहीं डाले जाने को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्र ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से मजदूरी का भुगतान करने के लिए आधार भुगतान ब्रिज प्रणाली (ABPS) शुरू की है।












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