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Odisha में ऑटोनोमस कॉलेजों को अपग्रेड करने का मामला उलझा! भविष्य को लेकर संशय

ओडिशा सरकार ने दो ऑटोनोमस कॉलेजों - कोरापुट में विक्रम देब और क्योंझर में धारिणीधर (डीडी) को संबद्ध विश्वविद्यालयों के रूप में अपग्रेड करने की घोषणा की थी। 2023-24 के नए शैक्षणिक सत्र से दोनों यूनिवर्सिटी प्रभावी होनी थी, लेकिन केवल विक्रम देब विश्वविद्यालय को 1 जून से चालू किया जा सका है।

विक्रम देब यूनिवर्सिटी कागजों पर शुरू हो चुकी है। यानी बिना किसी संस्थागत प्रमुख के पिछले 24 दिन से ये संस्था अस्तित्व में है। रिपोर्ट के अनुसार डीडी यूनिवर्सिटी, क्योंझर पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। सरकार ने अभी तक गजट अधिसूचना जारी नहीं की है।

Odisha

राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए सामान्य पीजी प्रवेश परीक्षा (सीपीईटी-2023) शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। ई-प्रवेश प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू हो जाएगी। ऐसे में यूनिवर्सिटी का सरकारी कागजों में उलझना चिंताजनक है।

दिलचस्प बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग के छात्र शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली (एसएएमएस) के ई-प्रवेश पोर्टल में, डीडी विश्वविद्यालय में 2023-24 सत्र का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि विक्रम देव विश्वविद्यालय को 14 पीजी विभागों और 440 छात्रों की प्रवेश क्षमता के साथ एडमिशन की अधिसूचना जारी की गई है।

पूर्ववर्ती विक्रम देब (स्वायत्त) कॉलेज के प्राचार्य गोपाल हलदर को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाया गया है, लेकिन उन्हें केवल आहरण और संवितरण अधिकार मिले हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने विक्रम देब विश्वविद्यालय के लिए शुरू में विश्वविद्यालय के लिए चार पद बनाए हैं - कुलपति, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और वित्त नियंत्रक।

हालांकि वीसी की नियुक्ति तुरंत संभव नहीं है, विश्वविद्यालय के प्रारंभिक कामकाज की देखरेख के लिए एक विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) की नियुक्ति की जानी है। विश्वविद्यालय खुल चुका है लेकिन प्रभारी रजिस्ट्रार को छोड़कर कोई भी पद नहीं भरा गया है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नाम उजागर न करने की शर्त पर एक शिक्षाविद् ने कहा, "कम से कम एक ओएसडी को 1 जून से पहले नियुक्त किया जाना चाहिए था ताकि कॉलेजों के प्रवेश और डी-संबद्धता प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके।"

जानकारी के अनुसार, कॉलेज में 16 पीजी विभाग थे जो विश्वविद्यालय व्यवस्था के तहत जारी रहेंगे। यह कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी और रायगडा जिलों के सभी कॉलेजों को संबद्ध करेगा, जो पहले बेरहामपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत थे।

जल्द ही ओएसडी की नियुक्ति की उम्मीद की जा रही है। प्रभारी रजिस्ट्रार हलदर ने कहा कि एक बार ऐसा हो जाने के बाद, उन्हें प्रवेश शुरू करने के लिए बेरहामपुर या संबलपुर विश्वविद्यालय की फीस संरचना को अपनाना होगा।

दूसरी ओर, डीडी ऑटोनॉमस कॉलेज को विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने के बारे में अभी तक गजट अधिसूचना नहीं आई है। प्रवेश के लिए सीपीईटी शुरू हो चुका है। नए विश्वविद्यालय की घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने बताया कि जिस दिन इसका गजट नोटिफिकेशन जारी होगा उसी दिन से यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।

यहां तक कि विश्वविद्यालय और अध्ययन बोर्ड के लिए परिसर की आवश्यकता पर भी अभी काम किया जाना बाकी है। कॉलेज के प्रिंसिपल नरेंद्र साहू ने कहा, "हम अभी भी गजट अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम छात्रों को स्वायत्त कॉलेज में प्रवेश देंगे।"

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