सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी पर आपत्ति दर्ज कराने की डेडलाइन बढ़ाई, पांच और दस्तावेजों को मंजूरी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) पर आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर कर दी है। एनआरसी की लिस्ट में जगह नहीं पाने वाले 40 लाख लोगों को आपत्ति और दावे के लिए 20 दिन का और वक्त दिया गया है। इसके लिए कोर्ट ने पहले 25 नवंबर की तारीख दी थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को एनआरसी लिस्ट में नाम जुड़वाने के दावों के लिए पांच और दस्तावेजों को भी मंजूरी दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने जिन पांच दस्तावेजों को नागरिकता के पहचान के तौर पर मान्यता दी है, उनमें 1951 की एनआरसी लिस्ट, 1996 की वोटर लिस्ट, 1971 की वोटर लिस्ट, 1971 तक का शरणार्थी पंजीकरण सर्टिफिकेट और 1971 तक जारी किए गए राशन कार्ड हैं। इन पांच दस्तावेजों को मान्यता देने को लेकर पहले राष्ट्रीय पंजी के को-ऑर्डिनेटर ने आपत्ति की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आज इनको मान्यता दे दी। इससे पहले 10 दस्तावेजों को ही नागरिकता के सबूत के तौर पर मान्यता दी गई थी।
असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट 30 जुलाई को जारी हुआ था। इस लिस्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोग ही शामिल हैं। इस लिस्ट से 40 लाख 70 हजार लोग बाहर हैं। इस लिस्ट को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा।












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