Indian Railways: अब कंफर्म ट्रेन टिकट कैंसिल करवाना जरूरी नहीं, इन लोगों को कर सकते हैं ट्रांसफर
नई दिल्ली, 29 अगस्त: अगर आपके पास रेल यात्रा का कंफर्म टिकट है और किसी वजह से आप नहीं जा पा रहे हैं तो आपके लिए टिकट कैंसिल करवाना अब जरूरी नहीं है। अगर आपकी जगह परिवार का कोई और सदस्य जाना चाहता है तो आप उसे अपना कंफर्म टिकट ट्रांसफर कर सकते हैं। क्योंकि, आप जानते हैं कि खासकर त्योहारों या छुट्टियों के मौकों पर ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना कितना मुश्किल होता है। लेकिन, ठहर जाइए। आपको यह जान लेना जरूरी है कि आप परिवार के भी कुछ खास सदस्यों को ही टिकट ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित लोगों की एक निश्चित लिस्ट बनाई गई है, जिन्हें आप अपना टिकट दे सकते हैं। आपको इसके लिए सिर्फ एक प्रक्रिया का पालन करना होगा।

क्या कहता है टिकट ट्रांसफर का नियम ?
बता दें कि रेलवे के नियम के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के टिकट पर कोई भी दूसरा व्यक्ति यात्रा नहीं कर सकता। रेलवे के नियमों के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध है। इसीलिए आमतौर पर जब किसी यात्री की यात्रा की योजना बदलती है तो अफसोस के साथ उसे टिकट रद्द करवाना ही पड़ता है। यही नहीं कंफर्म टिकट कैंसिल करने पर भारतीय रेलवे हमेशा से यात्रा की शुरुआत से पहले के निर्धारित घंटों में निर्धारित कैंसिलेशन चार्ज भी वसूलता है। यानी कभी भी आपको टिकट वापसी के पूरे पैसे नहीं मिलते हैं। यही नहीं टिकट रद्द करवाने वाले शख्स को पता नहीं रहता कि आगे जब जाना जरूरी हुआ तो कंफर्म टिकट मिलेगा भी या नहीं। लेकिन, रेलवे का नया नियम कई बार आपको बड़ी राहत दे सकता है।

कैसे कर सकते हैं रेल का कंफर्म टिकट ट्रांसफर ?
तो रेलवे के बदले हुए नियम से आपको एक मौका तो यह मिला है कि आप इसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यदि किसी वजह से आपको अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ रही है तो आप जिस व्यक्ति के नाम टिकट ट्रांसफर र रहे हैं, उसके लिए संबंधित स्टेशन मास्टर के पास आपको एक आवेदन देना होगा। आप इस प्रक्रिया को ऑनलाइन भी प्रॉसेस कर सकते हैं।

किसे कर सकते हैं रेलवे का कंफर्म टिकट ट्रांसफर ?
आपको परिवार के उन लोगों के बारे में जान लेना जरूरी है, जिन्हें और सिर्फ उन्हें ही आप अपना कंफर्म टिकट ट्रांसफर कर सकते हैं। सबसे पहले आप यह जान लीजिए कि यह लिस्ट सिर्फ आपके परिवार वालों तक ही सीमित है। यानी आप अपना कंफर्म टिकट अपने पिता, मां, भाई, बहन, बेटे, बेटी या पति और पत्नी में से ही किसी को ट्रांसफर कर सकते हैं। यह सूची बहुत ही साफ है। यानी यदि कोई व्यक्ति किसी कारण से नहीं जा रहा है तो वह अपने बदले किसी दूसरे को टिकट देकर भेज सकता है।

सफर से 48 घंटे पहले तक मिलेगी सुविधा
नई सुविधा का लाभ संबंधित रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना होने से 48 घटे पहले तक उठाया जा सकता है। जिसके नाम पर टिकट है, उसे अपने और जिसके नाम पर टिकट ट्रांसफर किया जा रहा है, उसके पहचान पत्र के साथ आवदेन देना होगा। लेकिन, ध्यान रखिए कि यह नियम सिर्फ परिवार वालों के लिए ही है और आप दूसरे किसी भी व्यक्ति या दोस्तों के नाम पर टिकट ट्रांसफर नहीं कर सकते है। भारतीय रेलवे के मुताबिक ऐसी छूट देने पर इस नियम के दुरपयोग की आशंका है।












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