देश भर के किसानों से सीधा निम्बोली खरीदेगा IFFCO
मिट्टी को और उपजाऊ बनाने के लिए IFFCO ने नीम लेपित यूरिया का प्रयोग शुरू किया है. नीम की परत होने से यूरिया धीरे धीरे रिलीस होता है जिससे पौधों को ज़्यादा पोषण मिलता है।
भारत के सबसे बड़े उर्वरक निर्माता IFFCO ने घोषणा की कि वो देश भर के किसानों से निम्बोली खरीदेंगे। मिट्टी को और उपजाऊ बनाने के लिए IFFCO ने नीम लेपित यूरिया का प्रयोग शुरू किया है। नीम की परत होने से यूरिया धीरे-धीरे रिलीज होता है, जिससे पौधों को ज्यादा पोषण मिलता है और फसल ज्यादा अच्छी होती है।

इस मौके पर डॉ. अवस्थी, एम डी और सी ई ओ, IFFCO, ने कहा, "हम निरंतर ऐसे साधनों की खोज में हैं, जिससे हम किसानों का रोजगार बढ़ा पाएं। निम्बोली खरीदना इस देश का पहला ऐसा प्रयोग है जहां हम सिर्फ ये नहीं चाहते कि किसान हमें निम्बोली बेचें, पर साथ ही नीम के और पेड़ भी लगाएं। नीम के और भी बहुत से स्वास्थ्य वर्धक फायदे हैं और हम चाहते हैं गावों में हमारे भाई बहन इसका फायदा लें।"
IFFCO ने अभी तक लगभग 15 लाख नीम के पेड़ देश भर में लगाए हैं और इस साल वो 20 लाख पेड़ और लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हर किसान निम्बोली देश भर में किसी भी IFFCO सेंटर में रुपए 15/किलो के हिसाब से बेच सकता है। www.iffcobazar.in पर जाकर भी कोई भी किसान निम्बोली बेच सकता है।
IFFCO के बारे में
इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) भारत की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में से एक है, जो पूर्णतः भारतीय सहकारी संघ के स्वामित्व में है। वर्ष 1967 में केवल 57 सहकारी समितियों के साथ स्थापित इस समिति में आज 36,000 से भी अधिक भारतीय सहकारी समितियां शामिल हैं। खाद बनाने और बेचने के हमारे प्रमुख व्यवसाय के अलावा इन समितियों का व्यवसाय साधारण बीमा से लेकर ग्रामीण दूरसंचार जैसे विविध क्षेत्रों तक फैला हुआ है।












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