अब राम मंदिर ट्रस्ट पर है कांग्रेस को आपत्ति, दिग्विजय ने की इन सबको मेंबर बनाने की मांग
नई दिल्ली- अयोध्या में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पवित्र राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास की तारीख तय कर दी है और उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलावा भेजा है। लेकिन, अब कांग्रेस की ओर से पूरे राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर आपत्ति शुरू हो गई है। इस ट्रस्ट का विरोध करने के लिए कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह सामने आए हैं और उन्होंने कहा है कि वो मौजूदा ट्रस्ट का वो विरोध करते हैं। उनका कहना है कि न्यास में शंकराचार्यों को जगह नहीं दी गई है, उनके बदले वीएचपी और भाजपा नेताओं को न्यास का सदस्य बना दिया गया है। इतना ही नहीं उन्होंने पीएम मोदी द्वारा शिलान्यास किए जाने की चर्चाओं को लेकर भी अपनी ओर से कुछ मांगें सामने रखी हैं।

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि, 'सभी चाहते हैं का भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। लेकिन, उन्होंने (केंद्र सरकार ने) न्यास में शंकाचार्यों को जगह नहीं दी, बल्कि वीएचपी और बीजेपी नेताओं को मेंबर बना दिया गया है। हमें इसपर आपत्ति है।' यही नहीं माना जा रहा है कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही कम लोगों की मौजूदगी में राम मंदिर के भूमि पूजन और आधारशिला रखने वाले हैं, अब दिग्विजय ने अपनी ओर से इसमें नई मांग जोड़ दी है। उन्होंने कहा है कि, 'अगर 5 अगस्त को पीएम मोदी मंदिर की आधारशिला रखते हैं, तो कार्यक्रम में सभी शंकराचार्यों और रामानंदी संप्रदाय के स्वामी रामनरेशार्य जी को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए और न्यास का सदस्य बनाना चाहिए।'
इस बीच जानकारी के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करीब 40 किलो की चांदी की श्रीराम शिला मंदिर निर्माण के लिए समर्पित करेंगे। ट्रस्ट के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि 3 से साढ़े 3 साल में करोड़ों भारतीयों की भावना के अनुरूप भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।












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