Tata Trusts New Chairman Noel Tata: नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट्स के नए चेयरमैन, रतन टाटा की कुर्सी पर बैठेंगे
Noel Tata New Chairman Of Tata Trusts: टाटा समूह की परोपकारी शाखा, टाटा ट्रस्ट्स, ने 11 अक्टूबर को नोएल टाटा को अपना नया अध्यक्ष नियुक्त किया। यह निर्णय उनके सौतेले भाई रतन टाटा के निधन के बाद लिया गया, जिनका 9 अक्टूबर को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
नोएल टाटा ही अब टाटा ट्रस्ट्स का नेतृत्व करेंगे, जो समूह की सबसे बड़ी परोपकारी संस्था है और टाटा समूह की बुनियाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यहां समझें टाटा ग्रुप में नोएल टाटा की भूमिका
नोएल टाटा, जो 2014 से ट्रेंट लिमिटेड के अध्यक्ष रहे हैं, ने टाटा समूह में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। ट्रेंट लिमिटेड टाटा समूह की प्रमुख परिधान खुदरा कंपनी है, जिसने उनके नेतृत्व में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। ट्रेंट के शेयरों में पिछले एक दशक में 6,000 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है, जो नोएल की दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
नोएल टाटा ने 2010 से 2021 तक टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड का भी नेतृत्व किया, जहां उन्होंने कंपनी का राजस्व 500 मिलियन डॉलर से 3 बिलियन डॉलर से अधिक तक पहुंचाया। इसके अलावा, वह टाटा स्टील लिमिटेड और वोल्टास लिमिटेड जैसी कई प्रमुख टाटा कंपनियों के बोर्ड में भी शामिल हैं।
नोएल टाटा की नियुक्ति पर एक्सपर्ट्स की राय
कॉरपोरेट एक्सपर्ट्स ने नोएल टाटा की नियुक्ति की सराहना की है। कॉरपोरेट वकील एचपी रनिना ने कहा कि टाटा ट्रस्ट्स ने सही निर्णय लिया है और नोएल टाटा के नेतृत्व में संगठन को "पूर्ण निरंतरता और सामंजस्य" देखने को मिलेगा। आर. गोपालकृष्णन, जो टाटा संस के पूर्व बोर्ड सदस्य रहे हैं, ने नोएल टाटा को एक "समझदार और उत्कृष्ट व्यक्ति" बताया। उनका मानना है कि नोएल अपने व्यवसायिक अनुभव और उद्यमशीलता कौशल के साथ टाटा ट्रस्ट्स में बहुत अधिक योगदान देंगे।
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टाटा समूह के रिटेल कारोबार में नोएल का योगदान
ट्रेंट लिमिटेड के नेतृत्व में नोएल टाटाने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एनाम होल्डिंग के वल्लभ भंसाली ने कहा कि नोएल टाटा की शांत और संतुलित नेतृत्व शैली ने ट्रेंट को बड़ी सफलता दिलाई है। भंसाली ने यह भी कहा कि अब नोएल के सामने एक बड़ा कैनवास है, जहां वे अपने नेतृत्व कौशल का और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
टाटा ट्रस्ट्स की ताकत और नेतृत्व
टाटा ट्रस्ट्स का नेतृत्व करने का प्रभाव पहली बार 2016 में दिखा, जब रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय लिया था। इस घटना ने भारत की कॉर्पोरेट दुनिया में एक बड़ी हलचल मचाई थी और टाटा ट्रस्ट्स के वास्तविक प्रभाव को उजागर किया था। नोएल टाटा का परिवार पहले से ही टाटा ट्रस्ट्स और इससे जुड़ी संस्थाओं में सक्रिय है। उनके बच्चे, माया, नेविल, और लीहा, भी परिवार से जुड़ी कुछ चैरिटी संस्थाओं के ट्रस्टी हैं, जो टाटा परिवार की परोपकारी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
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नोएल टाटा की टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति से टाटा समूह में नई दिशा की उम्मीद की जा रही है। उनके नेतृत्व में, टाटा ट्रस्ट्स और भी प्रभावशाली भूमिका निभाने की संभावना है। नोएल के वर्षों के अनुभव और उनकी सफलताओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा समूह का भविष्य उज्ज्वल है और उनके नेतृत्व में संगठन में सामंजस्य और निरंतरता बनी रहेगी।
(इनपुट ब्लूमबर्ग)












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