IAF चीफ ने कहा- कोयम्बटूर रेप केस में महिला अधिकारी का नहीं हुआ था 'टू फिंगर टेस्ट'
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। भारतीय वायु सेना की प्रशिक्षण अकादमी में महिला अधिकारी के साथ बलात्कार के मामले में वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। एयर चीफ मार्शल ने मंगलवार को पीड़िता का टू-फिंगर टेस्ट किए जाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पीड़िता का टू फिंगर टेस्ट नहीं किया था। टू फिंगर टेस्ट महिला के यौन शोषण का पता लगाने के लिए किया जाता था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अवैज्ञानिक बताते हुए इस पर रोक लगा दी है।

आईएएफ की महिला अधिकारी ने 26 सितम्बर को कोयम्बटूर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने 9 सितम्बर को उसके क्वार्टर में उसके साथ बलात्कार किया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए जाने के बाद वायु सेना ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कोर्ट मार्शल की अनुमति मांगी थी। वायुसेना और तमिलनाडु पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार की रस्साकशी के मद्देनजर अदालत ने वायुसेना को अपने अधिकारी के खिलाफ आगे बढ़ने की अनुमति दी।
महिला ने अधिकारियों पर लगाया था आरोप
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले आरोपी ने इस घटना को ये अंजाम तब दिया कि जब वह एक इंडक्शन प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए प्रशिक्षण अकादमी में था। महिला ने यह भी बताया कि जब उसने यौन उत्पीड़न के बारे में ऊपर बताया तो कुछ अधिकारियों का रवैया उसे शिकायत वापस करने के लिए मजबूर करने वाला था।
प्राथमिकी में महिला ने यह आरोप लगाया कि उसे चिकित्सा उपचार देने के प्रभारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला और उसके द्वारा जमा किए गए पत्रों में बदलाव किया जिसमें उस पर हमले की जानकारी थी।
पीड़ित महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के अधिकारियों ने अपराधी के खिलाफ सबूत के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया और उनके उदार रवैये ने उसे सिविल पुलिस में शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया।












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