'लोकल एड्रेस प्रूफ के चलते मरीज को अस्पताल में मना नहीं किया जाएगा', SC ने नेशनल पॉलिसी बनाने को कहा
नई दिल्ली, 2 मई। सुप्रीम कोर्ट ने देश में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करते हुए आपातकालीन उपयोग के लिए ऑक्सीजन का सुरक्षित स्टॉक तैयार करना चाहिए और आपातकालीन स्टॉक की लोकेशन को एक जगह पर रखने के बजाय अलग-अलग जगह पर किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही कोविड मरीजों को भर्ती किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। इसमें कहा गया है किसी भी कोविड मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती होने या जरूरी दवाएं देने से इसलिए इनकार नहीं किया जाएगा क्योंकि उसके पास स्थानीय निवास प्रमाण पत्र नहीं है। कोर्ट ने केंद्र ने अस्पतालों में भर्ती होने के लिए 2 सप्ताह के अंदर राष्ट्रीय नीति बनाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा "केंद्र सरकार दो सप्ताह के अंदर अस्पतालों में भर्ती होने के लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाएगी जिसका सभी राज्य सरकारें पालन करेंगी। केंद्र सरकार जब तक नीति तैयार करती है तब तक किसी भी मरीज को स्थानीय निवास प्रमाण पत्र न होने की वजह से किसी भी राज्य या केंद्र शासित क्षेत्र में अस्पताल में भर्ती करने या आवश्यक दवा देने से इनकार नहीं किया जाएगा।"
इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को 3 मई की आधी रात या उससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी को सुधारने का आदेश दिया है।












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