सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार ने कही बड़ी बात
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के दायरे को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा है कि फिलहाल इस प्रतिबंध को और विस्तारित करने कीकोई योजना नहीं है। सरकार ने कहा कि फिलहाल इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह बात कही। लोकसभा सांसद उमेश जे जाधव ने इस बाबत सवाल पूछा था कि क्या सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध के दायरे का विस्तार करने की कोई योजना है। जिसके जवाब में केंद्र की ओर से कहा गया है कि फिलहाल इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है।
प्लास्टिक के वेस्टेज को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ चुनिंदा सिंगल यूज प्लास्टिक पर 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंध का ऐलान किया था। सिंगल यूज प्लास्टिक उसे कहते हैं जिसे एक बार इस्तेमाल करके फेक दिया जाता है और इसे रिसाइकल के लिए फिर से इस्तेमाल नहीं किया जाता है। प्लास्टिक प्रदूषण में इनका सबसे अधिक योगदान होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक में इयरबड, प्लास्टिक की डंडी, गुब्बारे में लगने वाली प्लास्टिक की डंडी, प्लास्टिक के बैग, कैंडी स्टिक, आईस क्रीम स्टिक, पोलिस्ट्रीन, प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे समान आते हैं।
पीवीसी बैनर, चम्मच, मिठाई के डिब्बे पर लगने वाली प्लास्टिक समेत तमाम वो उत्पाद जो 100 मैक्रोंस से कम के होते हैं, उनपर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले सरकार ने इसके उत्पादन, निर्यात, भंडारण, वितरण, बिक्री, इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसे 30 सितंबर 2021 में प्रतिबंधित किया गया था, बाद में 100-120 माइक्रोन की मोटाई वाले प्लास्टिक को 31 दिसंबर 2022 में प्रतिबंध कर दिया गया है। जो फैक्ट्रियां इस तरह के उत्पाद बनाती थीं, उन्हें वैकल्पिक उत्पाद तैयार करने में सरकार ने मदद की बात कही थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच के दौरान कुछ कुछ निर्माता, दुकानदार और बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल पाया गया, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच के दौरान 581780001 रुपए के 775577 किलोग्राम प्रतिबंधत प्लास्टिक को सीज किया था।












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