पीएमटी टेस्ट के दौरान जमकर हुआ हिजाब पर क्लेश
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। प्री-मेडिकल परीक्षा में ड्रेस कोड के मसले पर क्लेश जारी है। मुसलमानों का एक खास वर्ग खफा है। उसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी नाराजगी है।

मुस्लिम विषयों पर अदालतें हों या अन्य व्यवस्था कभी मुसलमानों के भावनाओं के अनुरूप कोई फैसला आया मुझे याद नहीं आता । अब हिजाब पर परिक्षा में रोक। आखिर क्यों? हिजाब तो चेहरा नहीं छुपाता कि पहचान में मुश्किल हो तो फिर रोक क्यों? जिसकी मर्जी हो पहने ना मर्जी हो ना पहने पर नहीँ।
अनैतिक और गलत
जाहिद कहते हैं कि अदालत कहती है कि 3 घंटे हिजाब ना पहनने से इमान कम नही हो जाता तो ऐसे तो दो तीन घंटे तक बहुत से अनैतिक और गलत काम हो सकते हैं तो क्या अदालतें इसी तर्क पर अपराधियों को क्षमा करेंगी ?
चोरी कर लो
उधर, वरिष्ठ पत्रकार हबीब अख्तर कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का आशय यह भी होगा कि पूरी ज़िन्दगी ईमानदार रहो एक दिन चोरी कर लो कोई फर्क नहीं पड़ता है, इसी तर्क से यह भी कहा जा सकता है कि एक दिन व्रत-रोज़ा न रखो,और एक दिन चाहे दुष्कर्म कर लो तो क्या फर्क पड़ताहै? ये कौन सी मानसिकता है कि हमारा उच्चतम न्यायलय लड़कियों को बेहिजाब देखना चाहता है? नग्नता को छूट हिजाब पर रोक कैसा भारत बनाना चाहते है हम। यह निर्णय बदला जाना चाहिए।वरना बात निकलेगी तो बहोत दूर तलक जाएगी।
आस्था से जुड़ा मुद्दा
जाहिद कहते हैं कि दरअसल हिजाब धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा है जिसपर रोक लगाई गई है, और यह हमारे धार्मिक अधिकारों का हनन है। कारण बताया जा रहा है कि हिजाब से नकल होगी तो बता दूँ कि मै गारंटी दे सकता हूं कि जो बच्ची इतनी पाक होगी कि हिजाब लगाकर परीक्षा देने जा रही वह इतनी ईमानदार होगी कि नकल नहीं करेगी।
नकल का मामला
नकल को रोकने के लिए हिजाब पर रोक ।ठीक। दुनियाभर में नकल का सबसे बड़ा मामला भारत में हुआ जिसमें 80 लाख लोगों प्रभावित हुए नकल की स्थिति यह थी कि 2000 करोड़ रुपये के हाई रिजोल्यूशन क्लोज सर्किट कैमरे और हाई रिजोल्यूशन की ऐक्सरे सिक्योरिटी मशीन खरीदी गयी और एक एक कमरे में 4-5 लगाए गए। वे कहते हैं कि मैं व्यापम की बात कर रहा हूँ जिसमे 50 लोगों की हत्या हुई तो क्या कोई बता सकता है कि हिजाब के कारण हुई ऐसी नकल?












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