स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों में कितना काला धन छिपाया गया, कोई अनुमान नहीं- वित्त मंत्रालय
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों से काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है।
नई दिल्ली, 26 जुलाई। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों से काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। पंकज चौधरी पिछले दस वर्षों से स्विस बैंक में जमा काले धन की राशि और इसे वापस पाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। चौधरी ने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें काला धन एवं कर अधिरोपण कानून को प्रभावी बनाना, एसआईटी का गठन करना आदि शामिल है।

उन्होंने कहा कि इस साल 31 मई तक काला धन अधिनियम, 2015 की धारा 10(3)/10(4) के तहत 66 मामलों में निर्धारण आदेश जारी किये गये हैं जिसमें 8,216 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। उन्होंने कहा कि एचएसबीसी मामलों में लगभग 8,465 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति को कर के अधीन लाया गया है और 1,294 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईसीआईजे (खोजी पत्रकारों का अंतरराष्ट्रीय संघ) मामलों में लगभग 11,010 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।
यह भी पढ़ें: डिंगलेश्वर स्वामी ने येदियुरप्पा के इस्तीफे पर जताई नाराजगी, कहा- कर्नाटक बीजेपी उनके आंसूओं में बह जाएगी
चौधरी ने कहा कि पनामा पेपर्स लीक मामलों में 20,078 करोड़ रुपये (लगभग) के अघोषित जमाधन का पता चला है। वहीं पेराडाइज पेपर्स लीक मामलों में लगभग 246 करोड़ रुपये के अघोषित जमाधन का पता चला है। स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों में कितना काला धन छिपाया गया, कोई अनुमान नहीं- वित्त मंत्रालय
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने लिखित जवाब में कहा कि स्विस बैंक में पिछले 10 वर्षों से काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। पंकज चौधरी पिछले दस वर्षों से स्विस बैंक में जमा काले धन की राशि और इसे वापस पाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। चौधरी ने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें काला धन एवं कर अधिरोपण कानून को प्रभावी बनाना, एसआईटी का गठन करना आदि शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस साल 31 मई तक काला धन अधिनियम, 2015 की धारा 10(3)/10(4) के तहत 66 मामलों में निर्धारण आदेश जारी किये गये हैं जिसमें 8,216 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। उन्होंने कहा कि एचएसबीसी मामलों में लगभग 8,465 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति को कर के अधीन लाया गया है और 1,294 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईसीआईजे (खोजी पत्रकारों का अंतरराष्ट्रीय संघ) मामलों में लगभग 11,010 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।
चौधरी ने कहा कि पनामा पेपर्स लीक मामलों में 20,078 करोड़ रुपये (लगभग) के अघोषित जमाधन का पता चला है। वहीं पेराडाइज पेपर्स लीक मामलों में लगभग 246 करोड़ रुपये के अघोषित जमाधन का पता चला है। गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने स्विस बैंक में कालेधन का मुद्दा उठाया था और इसको मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था। सरकार में आने के बाद बीजेपी ने विदेशों से काला धन वापस लाने के लिए सबसे पहले एसआईटी का गठन किया था।
-
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर












Click it and Unblock the Notifications