यहां कांग्रेस को चैलेंज करने वाला कोई नहीं

राजबरेली के रण में सोनिया गांधी को चुनौती देने वाली कोई नहीं है। सोनिया गांधी के सामने किसी दल के दिग्गज ने सामना करना सही नहीं समझा। यही वजह है कि देश-दुनिया में जाने-पहचाने इस जिले का चुनाव पारा भी ठंडा पड़ा है।
लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के मुकाबले कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी है। तमाम व्यस्तता के बावजूद राजनाथ सिंह अपना अधिकतम समय यहीं पर दे रहे हैं। यही हाल अमेठी का है। यहां राहुल के सामने आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास महीनों से डेरा जमाए हुए है तो भाजपा की स्मृति ईरानी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। यही कारण है कि सोनिया गांधी और प्रियंका रायबरेली की चिंता छोड़ अमेठी में राहुल के प्रचार में सर्वाधिक फोकस कर रही हैं।
जहां सुल्तानपुर में भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी और गोंडा में कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा, धौरहरा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के बीच चुनावी टक्कर है तो वहीं फैजाबाद में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री कड़े मुकाबले में फंसे हैं।
हर जगह कांटे की टक्कर हो रही है, लेकिन रायबरेली बिल्कुल शांत है। यहां जीत की हैट्रिक लगा चुकी सोनिया गांधी के मुकाबले में सपा ने कमजोर कैडिडेंट खड़ा किया है। भाजपा ने रायबरेली से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय अग्रवाल और बसपा ने प्रवेश सिंह और आप ने अर्चना श्रीवास्तव को टिकट दिया है। जिस तरह से सोनिया राजबरेली का गढ़ छोड़ बेटे राहुल के लिए 14 साल बाद अमेठी प्रचार के लिए चली गई उससे तो यहीं लगता है कि मतदान से पहले ही सोनिया की जीत तय है।












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