मोदी कैबिनेट में सबसे लोकप्रिय मंत्री कौन ? नितिन गडकरी या अमित शाह ?

नई दिल्ली, 04 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में सबसे लोकप्रिय मंत्री कौन है ? अमित शाह, नितिन गडकरी या कोई और ? हाल ही में भाजपा के दो धुर विरोधी नेताओं ने मोदी कैबिनेट के दो मंत्रियों की तारीफ की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अमित शाह की तारीफ की तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने नितिन गडकरी को विकास का प्रतीक बताया।

Nitin Gadkari or Amit Shah who is the most popular minister in Modi cabinet?

दो साल पहले एबीपी और सी-वोटर ने मंत्रियों के प्रदर्शन का पता लगाने के लिए एक सर्वे किया था। इस सर्वे में अमित शाह को पहला स्थान मिला था। नितिन गडकरी दूसरे नम्बर पर रहे थे। तीसरा स्थान स्मृति इरानी को और चौथा स्थान राजनाथ सिंह को मिला था। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट्स ने मंत्रियों के कामकाज पर एक रायशुमारी की थी जिसमें अरुण जेटली को पहला और राजनाथ सिंह को दूसरा स्थान मिला था।

सबसे लोकप्रिय मंत्री कौन ?

सबसे लोकप्रिय मंत्री कौन ?

लोकप्रियता के आंकलन का एक पैमाना अगर सर्वे से तो दूसरा पैमाना जनअवधारणा है। किसी नेता के बारे में आम लोग क्या सोचते हैं ? ये बात बहुत मायने रखती है। अगर विरोधी दल का कोई नेता किसी मंत्री के काम की तारीफ करे तो राजनीति में इसे बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है। नितिन गड़करी इस मामले में मोदी सरकार के सभी मंत्रियों से आगे हैं। शरद पवार ने तो नितिन गडकरी की कर्मठता की तारीफ की ही, इसके पहले सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी उनकी सराहना कर चुके हैं। हो सकता है कि नितिन गडकरी एजेंसियों के सर्वे में पिछड़ गये हों लेकिन जनमानस में उनकी छवि एक परफॉर्मर मिनिस्टर की है। जुलाई 2021 में जब नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ था तब नितिन गडकरी से माइक्रो स्मॉल एंड मिडियम इंटरप्राइजेज मंत्रालय का प्रभार वापस ले लिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल पूछने शुरू कर दिया थे। कई लोगों ने ट्वीट कर नितिन गड़करी को भारत का सर्वकालिक कर्मठ मंत्री बताया था। उन्होंने लिखा था, सरकार में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले मंत्री से प्रधानमंत्री ने एक विभाग का प्रभार क्यों वापस ले लिया ? यह आश्चर्यजनक है। नितिन गडकरी जिस मेहनत से काम कर रहे हैं उसे देख कर तो उन्हें सड़क परिवहन मंत्रालय से बड़ी जिम्मेवारी मिलनी चाहिए।

“जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा”

“जनप्रतिनिधि हो तो ऐसा”

जब नरेन्द्र मोदी सरकार पर चौतरफा राजनीतिक हमला हो रहा हो इस बीच अगर किसी मंत्री के काम की सराहना हो, तो ये असाधारण बात है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने कहा, नितिन गडकरी जब कोई शिलान्यास करते हैं तो कुछ दिनों के बाद काम शुरू होता दिखने लगता है। गडकरी ने इस बात की नजीर पेश की है कि कोई जनप्रतिनिधि देश का विकास कैसे कर सकता है। जब इन्होंने सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेवारी संभाली थी तब 5 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य हुआ था। अब यह आंकड़ा 12 हजार किलोमीटर को पार कर गया है। शरद पवार मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं। उनके जैसा अनुभवी नेता अगर गडकरी की तारीफ कर रहा है तो जरूर उनमें कुछ खास है। 2019 के फरवरी में संसद का सत्र चल रहा था। लोकसभा में भारतमाला सड़क परियोजना पर चर्चा चल रही थी। गडकरी विभागीय मंत्री होने के नाते भारतमाला परियोजना, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे और चार धाम परियोजना से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। उनकी मेहनत और समर्पण का ही नतीजा है कि आज सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय रोज 37 किलोमीटर सड़क बना रहा है।

जब सोनिया गांधी ने की गडकरी की सराहना

जब सोनिया गांधी ने की गडकरी की सराहना

शिवसेना, कांग्रेस के सदस्यों ने कई पूरक प्रश्न भी पूछे। जवाब के दौरान गडकरी ने कहा, "मेरी यह विशेषता है और मैं खुद को इसके लिए भाग्यशाली समझता हूं कि हर पार्टी के सांसद कहते हैं कि उनके क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है।" सदन में बिल्कुल बदला हुआ नजारा था। भाजपा के अन्य मंत्रियों के जवाब पर शोर मचाने वाले विपक्ष के नेता नितिन गडकरी की प्रशंसा करने लगे। सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेजा थपथपा कर नितिन गडकरी की बात का समर्थन किया। नितिन गडकरी लीक से हट कर राजनीति करते हैं। दो महीना पहले एक कार्यक्रम में उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और अटलबिहारी वाजपेयी को लोकतंत्र का आदर्श नेता बताया था। भाजपा के नेता पंडित नेहरू की तारीफ करने से बचते हैं। लेकिन गडकरी ऐसे नहीं हैं। उन्हें जो सही लगता है उसे बेधड़क बोलते हैं। उनके काम के मुरीद बाला साहेब ठाकरे भी थे। 1995 में गडकरी महाराष्ट्र में पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने इतने सड़क निर्माण किये कि बाला साहेब ठाकरे सार्वजनिक मंचों पर उनका उदाहरण देने लगे थे। उनकी कामयाबी का राज उनकी मेहनत है। वे अफसरों या ठेकेदारों के भरोसे काम नहीं छोड़ते। वे खुद दुर्गम से दुर्गम जगह पर जा कर निर्माण कार्य की समीक्षा करते हैं। जरूरत पड़ने पर सख्ती भी करते हैं।

अमित शाह कितने लोकप्रिय ?

अमित शाह कितने लोकप्रिय ?

अमित शाह को एक सफल मंत्री माना जाता है लेकिन अक्सर वे विरोधियों के निशाने पर रहते हैं। उनकी छवि कठोर फैसला लेने वाले एक सख्त नेता की है। उनकी ताकत एक संगठनकर्ता के रूप में है। भाजपा की लगातार चुनावी जीत में उनकी सबसे बड़ी भूमिका रही है। गृहमंत्री के रूप में धारा 370, एनआरसी, सिटिजन एमेडमेंट एक्ट जैसे कई बड़े फैसले लिये। इससे उनकी और भाजपा की लोकप्रियता तो बढ़ी लेकिन विरोधी दल खफा हो गये। विरोधी दल के नेता शायद ही उनकी तारीफ करते हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान के बाद अमित शाह की संवेदनशीलता, चर्चा में है। दिग्विजय सिंह ने 2017-18 में 192 दिनों तक नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा की थी। 3300 किलोमीटर की इस पदयात्रा में दिग्विजय सिंह का जत्था गुजरात के जंगलों से हो कर गुजरा था। दिग्विजय सिंह को इस बात का इल्म भी नहीं था कि अमित शाह की नजर उनकी इस यात्रा पर है। वे इस बात को सुनकर भौंचक्के रह गये कि अमित शाह ने जंगलों के बीच उनके जत्थे के ठहरने और खाने के लिए पहले से इंतजाम कर रखा था। अगर कोई चीज बिना मांगे मिले, वह भी एक विरोधी से, तो उसकी खुशी असीम होती है। अमित शाह की इस दरियादिली से दिग्विजय सिंह अभिभूत हो गये। अब सवाल ये है कि मोदी सरकार के सबसे सफल मंत्री कौन हैं ? अमित शाह या नितिन गड़करी ? अमित शाह आंकड़ों पर राज करते हैं तो नितिन गडकरी लोगों के दिल में। अब फैसला आप पर निर्भर है।

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