सुशांत केस: निर्भया की वकील सीमा समृद्धि ने कहा- सुसाइड नहीं, डेड बॉडी देखकर प्रायोजित मर्डर लग रहा है

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन को एक महीने से भी अधिक समय हो चुका है। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है, लेकिन पुलिस अब तक सुशांत की मौत के पीछे का कारण पता नहीं लगा पाई है। वहीं सोशल मीडिया पर सुशांत के फैंस और कई सेलिब्रिटी ये मांग कर रहे हैं कि इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस मामले में निर्भया की वकील सीमा समृद्धि भी लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। अब उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा है कि ये सुसाइड का मामला नहीं है बल्कि डेड बॉडी को देखकर लग रहा है कि प्रायोजित मर्डर है।

'एक प्रायोजित मर्डर लग रहा था'

'एक प्रायोजित मर्डर लग रहा था'

उन्होंने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए ट्वीट किया, '14 जून को ही डाउट हो गया था कि ये सुसाइड नहीं है। सुशांत सिंह राजपूत की डेड बॉडी को देखकर प्रथमधृष्टता ये एक प्रायोजित मर्डर लग रहा था। गले का निशान जो कहीं से भी फांसी के फंदे का निशान नहीं लग रहा था, सुसाइड नोट नहीं था, फिर बिना अन्वेषण के मुंबई पुलिस ने सुसाइड क्यों बताया?' इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'माननीय प्रधानमंत्री जी, सुशांत सिंह की मृत्यु का सच जानने का हम हर भारतीय का अधिकार है। लेकिन एक माह से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी मुंबई पुलिस सच सामने लाने में नाकामयाब रही है। आपसे अनुरोध है हम सब के पसंदीदा हीरो का केस आप सीबीआई को दीजिए।' इस ट्वीट में सीमा समृद्धि ने पीएमओ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को टैग किया था।

14 जून को हुआ था सुशांत का निधन

बता दें सुशांत सिंह राजपूत बीते महीने 14 जून को अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि सुशांत ने आत्महत्या की है, लेकिन उनके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे उनकी मौत के पीछे का कारण पता चल सके। सुशांत के निधन के बाद से ही उनके फैंस और कई सेलिब्रिटी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि सुशांत आत्महत्या नहीं कर सकते। इस मामले में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

महाराष्ट्र सरकार ने क्या कहा?

महाराष्ट्र सरकार ने क्या कहा?

जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने मामले की सीबीआई जांच को खारिज कर दिया है। इस मामले में अनिल देशमुख ने कहा है कि सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है, मुंबई पुलिस इस मामले की जांच करने में सक्षम है। इससे पहले खबर आई थी कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग वाले पत्र को आगे बढ़ा दिया है। इस बात की जानकारी पूर्व सांसद पप्पू यादव ने दी थी। हालांकि ये मामला दिन ब दिन उलझता जा रहा है। मुंबई पुलिस अब तक 38 लोगों से पूछताछ कर चुकी है और आदित्या चोपड़ा के बाद अब राजीव मसंद को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

मुंबई पुलिस को लिए गए पत्र

मुंबई पुलिस को लिए गए पत्र

सुशांत मामले में नया मोड़ तब आया जब भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह केस में सीबीआई जांच की मांग की है और इसके लिए उन्होंने एक वकील भी नियुक्त किया है। इशकरण सिंह भंडारी इस मामले को देख रहे हैं और सीबीआई जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। इशकरण ने मुंबई पुलिस को दो पत्र लिखे हैं। जिनमें पूछा गया है कि सुशांत का फ्लैट पहले दिन से सील है या फिर नहीं। इसके अलावा एलेक्ट्रोनिक एविडेंस को सीज करने पर भी सवाल पूछा गया है। हालांकि मुंबई पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।

लोग लगातार कर रहे सीबीआई जांच की मांग

लोग लगातार कर रहे सीबीआई जांच की मांग

सुशांत के फैंस एक महीने से ट्विटर पर सीबीआई जांच को लेकर कई तरह के (#SushantTruthNow #WhyDelayInCBIForSSR, #PMModiCBIForSSR, #CBIMustForSushant, #CBIForSonOfBihar) हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। टेलीविजन और बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े बहुत से लोग इस मामले की सीबीआई जांच को जरूरी बता रहे हैं। वहीं ऐसी भी खबरें आई हैं कि मुंबई पुलिस इस मामले की जांच के अंतिम चरण में है और कुछ दिन में अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी। इसके साथ ही ये भी कहा जा रहा है कि पुलिस को इस मामले में कुछ भी ऐसा नहीं मिला है, जिसे 'सनसनीखेज' कहा जा सके।

asphyxia बताया गया कारण

asphyxia बताया गया कारण

सुशांत की मौत का कारण asphyxia बताया गया है। इसका मतलब ये है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन ना मिलने के कारण उनकी मौत हुई है। बेशक पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के आधार पर ऐसा कहा जा रहा है कि सुशांत की मौत फांसी लगाने के बाद दम घुटने की वजह से हुई है, लेकिन अभी तक उनकी मौत का असल कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। सुशांत के जानने वाले कुछ लोगों का कहना है कि वह बीते कुछ महीनों से डिप्रेशन में थे और उनका इलाज चल रहा था।

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